देश की खबरें | भारत के लिए महत्वपूर्ण कामयाबी, जी20 ने नयी दिल्ली घोषणापत्र को अपनाया

नयी दिल्ली, नौ सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि सदस्य देशों के बीच सहमति के साथ जी20 ने ‘नयी दिल्ली लीडर्स समिट डिक्लेरेशन' को अपनाया है। यूक्रेन संघर्ष पर बढ़ते तनाव और अलग-अलग विचारों के बीच भारत की जी20 अध्यक्षता में यह एक महत्वपूर्ण कामयाबी है।

घोषणापत्र पर सर्वसम्मति और उसके बाद इसे अपनाने की घोषणा भारत द्वारा यूक्रेन संघर्ष का वर्णन करने के लिए जी20 देशों को एक नया पाठ बांटने के कुछ घंटों बाद आई।

मोदी ने शिखर सम्मेलन में नेताओं से कहा, ‘‘मित्रों, हमें अभी-अभी अच्छी खबर मिली है कि हमारी टीम की कड़ी मेहनत और आपके सहयोग के कारण, नयी दिल्ली जी20 लीडर्स समिट डिक्लेरेशन पर आम सहमति बन गई है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं घोषणा करता हूं कि इस घोषणापत्र को स्वीकार कर लिया गया है।’’

जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा सहित अन्य नेता भाग ले रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शिखर सम्मेलन में शिरकत नहीं कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी जी20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं। मोदी ने कहा, ‘‘इस अवसर पर मैं अपने मंत्रियों, शेरपा और सभी अधिकारियों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से इसे संभव बनाया।’’

राजनयिक सूत्रों के अनुसार, यूक्रेन संघर्ष से संबंधित पैराग्राफ पर आम सहमति नहीं होने के कारण, भारत ने शुक्रवार को सकारात्मक परिणाम निकालने के प्रयास में भू-राजनीतिक मुद्दे पर पैराग्राफ के बिना सदस्य देशों के बीच शिखर सम्मेलन का एक मसौदा घोषणापत्र बांटा था।

सफलता की सराहना करते हुए भारत के जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘‘ सभी विकासात्मक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर शत-प्रतिशत सर्वसम्मति के साथ जी20 घोषणापत्र ऐतिहासिक और पथप्रदर्शक है। नए भू-राजनीतिक पैराग्राफ आज की दुनिया में लोगों, शांति और समृद्धि के लिए एक मजबूत आह्वान हैं। यह आज की दुनिया में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को प्रदर्शित करता है।’’

ऐसा समझा जाता है कि जी20 देश यूक्रेन संघर्ष का वर्णन करने के लिए उस नए पाठ पर सहमत हुए जिसे आज सुबह भारत ने बांटा था।

तीन-छह सितंबर तक हरियाणा के नूंह जिले में जी20 शेरपा की बैठक में यूक्रेन मुद्दे का वर्णन करने वाले पाठ पर कोई सहमति नहीं बनी थी। जी20 सर्वसम्मति के सिद्धांत के तहत कार्य करता है।

रूस और चीन दोनों बाली घोषणापत्र में यूक्रेन संघर्ष को लेकर दो पैराग्राफ पर सहमत हुए थे, लेकिन इस साल वे इससे पीछे हट गए जिससे भारत के लिए मुश्किलें पैदा हो गईं।

वित्त और विदेश मंत्रियों सहित भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत आयोजित लगभग सभी प्रमुख बैठकों में यूक्रेन संघर्ष से संबंधित किसी भी पाठ पर रूस और चीन के विरोध के कारण आम सहमति वाले दस्तावेज जारी नहीं किए जा सके।

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