श्रीनगर, 17 जनवरी जम्मू-कश्मीर के पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह ने मंगलवार को कहा कि राजौरी आतंकी हमले में सात लोगों के मारे जाने के मामले में सुरक्षाबलों को कई ठोस सुराग मिले हैं।
सिंह ने कहा कि आतंकवादियों के संपर्क में रहे कई लोगों से पूछताछ की गई है और पुलिस को "जल्द ही सफलता मिलेगी"।
उन्होंने कहा कि सुरक्षाबल चार बार इलाके में अभियान चला चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
पुलिस महानिदेशक ने कहा, ‘‘जांच के दौरान हमें कई पुख्ता सबूत मिले हैं। हमारे पास उनके (आतंकवादियों) संपर्क में आए कई लोगों का ब्योरा है, उनमें से कुछ से पूछताछ भी की गई है। जरूरत के हिसाब से गिरफ्तारियां की जाएंगी। यह प्रक्रिया जारी है और मुझे उम्मीद है कि हम बहुत जल्द सफलता हासिल करेंगे।’’
गत एक और दो जनवरी को राजौरी के धंगरी गांव में आतंकवादियों द्वारा किए गए दोहरे हमले में एक विशेष समुदाय के सात लोग मारे गए थे और 14 अन्य घायल हुए थे।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा के उप प्रमुख अब्दुल रहमान मक्की को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि इस कदम से जम्मू-कश्मीर और पूरे देश में आतंक फैलाने वालों के खिलाफ शिकंजा कसने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, “लंबे समय से जम्मू-कश्मीर और भारत के अन्य हिस्सों में सीमा पार से आतंक फैलाने वाले प्रमुख चरित्र अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम हो गए हैं। दुनिया भर में लोग उनकी शरारतों को जानते हैं।’’
जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख ने कहा कि इन लोगों पर नकेल कसने की प्रक्रिया जारी है, जिसके तहत किसी भी तरह से आतंकवाद में शामिल लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर आतंकवादी के रूप में अधिसूचित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसका निश्चित तौर पर असर होगा... दुनिया उस व्यक्ति के बारे में जान जाती है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच, देशों के समूह, जो आतंकवाद का मुकाबला करने पर काम करते हैं, उन्हें भी पता चल जाता है कि उन्होंने क्या किया है। यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके खिलाफ नकेल कसने में मदद करता है।”
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