देश की खबरें | फ्रांस की अध्यक्षता में यूरोपीय संघ में भारत पर महत्वपूर्ण ध्यान : फ्रांस के राजदूत

नयी दिल्ली, 14 मई फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनिन ने कहा है कि फ्रांस की अध्यक्षता में यूरोपीय संघ (ईयू) की परिषद में भारत पर महत्वपूर्ण ध्यान है तथा 27 देशों के समूह और नयी दिल्ली के बीच राजनीतिक संबंधों को गहरा करने के साथ-साथ लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत करना चाहिए।

राजदूत ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच ‘‘अधिक अकादमिक जुड़ाव’’ का आह्वान करते हुए कहा कि यह साझेदारी के भविष्य में ‘‘सर्वश्रेष्ठ निवेश’’ होगा। लेनिन शुक्रवार शाम को यूरोपीय संघ इरास्मस-प्लस कार्यक्रम की 35वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक आयोजन को संबोधित कर रहे थे, जिसे 1987 में दुनिया भर के छात्रों के लिए शिक्षा का समर्थन करने के साथ-साथ विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित किया गया था।

फ्रांस के राजदूत ने कहा कि इरास्मस कार्यक्रम के तहत 6,000 से अधिक भारतीय छात्रों ने अब तक यूरोप की यात्रा की है, जो दर्शाता है कि यूरोपीय संघ भारत के साथ छात्रों के जरिए जुड़ाव को कितना महत्व देता है। लेनिन ने कहा, ‘‘पिछले दो वर्षों से फ्रांस इरास्मस छात्रवृत्ति धारकों की सबसे अधिक संख्या का स्वागत करने वाला देश रहा है और हमें इस पर बहुत गर्व है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यूरोपीय संघ की परिषद में फ्रांस की मौजूदा अध्यक्षता में भारत पर महत्वपूर्ण ध्यान है। फ्रांस का दृढ़ विश्वास है कि यूरोपीय संघ और भारत के बीच गहरे होते राजनीतिक संबंधों को अधिक अकादमिक जुड़ाव और लोगों के बीच आपसी संबंधों के साथ-साथ चलना चाहिए।’’

जनवरी में, फ्रांस ने स्लोवेनिया से यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता संभाली। इस साल, यूरोपीय संघ और भारत रणनीतिक साझेदारी के 60 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।

यह रेखांकित करते हुए कि छात्रों और शोधकर्ताओं की आवाजाही इस संबंध का एक महत्वपूर्ण आयाम है, भारत और भूटान में यूरोपीय संघ के राजदूत उगो एस्टुटो ने कहा कि अधिक से अधिक भारतीय छात्र यूरोप में अध्ययन की संभावना देख रहे हैं।

एस्टुटो ने कहा, ‘‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि 143 भारतीय छात्रों को यूरोप में उच्च शिक्षा के लिए इरास्मस मुंडस छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। यह पिछले दो वर्षों की सफलता पर आधारित है जब भारतीय छात्र 167 देशों में ईयू इरास्मस-प्लस छात्रवृत्ति के शीर्ष प्राप्तकर्ता थे।’’

फ्रांस दूतावास और भारत में यूरोपीय संघ के एक संयुक्त प्रेस बयान के अनुसार ‘यूरोपियन रीजन स्कीम फॉर द मोबिलिटी ऑफ यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स’ यानी इरास्मस कार्यक्रम शिक्षा, प्रशिक्षण, युवाओं और खेल जगत में मदद प्रदान करता है।

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