देश की खबरें | जरूरी अधिकारों के बावजूद कोविड-19 दिशानिर्देशों को लागू कराना चुनाव आयोग के लिए मुश्किल काम

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों का कहना है कि चुनाव आयोग (ईसी) के पास चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कोविड-19 के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर रैलियों पर रोक लगाने और चुनाव रद्द करने जैसे कड़े कदम उठाने के अभिष्ट अधिकार तो हैं लेकिन उनका अनुसरण सुनिश्चित कराना एक कठिन कार्य है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों का कहना है कि चुनाव आयोग (ईसी) के पास चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कोविड-19 के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर रैलियों पर रोक लगाने और चुनाव रद्द करने जैसे कड़े कदम उठाने के अभिष्ट अधिकार तो हैं लेकिन उनका अनुसरण सुनिश्चित कराना एक कठिन कार्य है।

बिहार विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों में उपचुनावों के लिए प्रचार अभियान चल रहा है और चुनाव आयोग पहले ही राजनीतिक दलों को आगाह कर चुका है कि उल्लंघनों को लेकर जिलाधिकारी द्वारा दंडात्मक प्रावधानों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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वैसे तो ज्यादातर पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान स्वास्थ्य दिशानिदशों का क्रियान्वयन उम्मीदवारों, दलों और मतदाताओं की संख्या के लिहाज से आसान नहीं है लेकिन उनमें से दो का कहना है कि चुनाव आयोग कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव स्थगित कर तथा रैलियों पर रोक लगाने जैसे ‘प्रदर्शन करने वाले कदम’ उठा सकता है और यह बता सकता है कि उसके लिए नियम मायने रखते हैं।

चुनाव आयोग ने प्रचार अभियान के दौरान एक दूसरे के बीच दूरी बनाकर रखने के नियमों के ‘खुला उल्लंघन’ तथा उसके दिशानिर्देशों के प्रति पूर्ण असम्मान दिखाते हुए नेताओं द्वारा बिना मास्क के जनसभाओं को संबोधित करने को गंभीरता से लिया है ।

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मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दलों एवं क्षेत्रीय दलों के अध्यक्षों एवं महासचिवों को बुधवार को जारी किये गये परामर्श में आयोग ने कहा था कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मशीनरी से ऐसे उल्लंघनों के सिलसिले में संबंधित उम्मीदवारों एवं जिम्मेदार आयोजकों के खिलाफ उपयुक्त एवं प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के इस्तेमाल की आशा की जाएगी।

जब यह सवाल पूछा गया कि कैसे चुनाव आयोग दिशानिर्देशों को लागू कराएगा तब एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आयोग के पास क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए सारे साधन हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमें उल्लंघन की जितनी ही अधिक रिपोर्ट मिलेंगी, उतनी ही अधिक कार्रवाई की जाएगी। ’’ हालांकि उन्होंने इसक ब्योरा नहीं दिया।

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त वी एस संपत ने कहा कि यदि किसी एक दल या उम्मीदवार द्वारा उल्लंघन किया जाता है तो कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने पीटीआई- से कहा, ‘‘ लेकिन यदि यह सभी का उल्लंघन है, आप चुनाव स्थगित नहीं कर सकते। जब आप ऐसी स्थिति में चुनाव आदेश दे रहे हैं तो आपको इस तरह के प्रभाव का अनुमान लगाना चाहिए।’’

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