(कुणाल दत्त)
कोलंबो, 18 जुलाई भारत के विमानन बाजार में ‘काफी क्षमता’ है, जिसका अभी पूरी तरह उपयोग नहीं हो सका है। तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग और अधिक यात्रा करने वाली युवा आबादी इसके विकास में योगदान देगी। उद्योग के एक शीर्ष विशेषज्ञ ने यह बात कही है।
एयर इंडिया के मुख्य वाणिज्यिक और रूपांतरण अधिकारी निपुण अग्रवाल ने कहा कि हवाई अड्डों के निजीकरण से विमानन क्षेत्र को बढ़ावा मिल रहा है और भारत में नए तथा मौजूदा हवाई अड्डों में भारी निवेश हो रहा है।
हाल में कोलंबों में आयोजित भारतीय ट्रैवल कांग्रेस-2023 में अग्रवाल के अलावा इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीटर अल्बर्स, श्रीलंकन एयरलाइंस के सीईओ रिचर्ड न्यूटॉल और भारत में इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के कंट्री निदेशक अमिताभ खोसला शामिल हुए।
इस कार्यक्रम को श्रीलंका में आयोजित करने का मकसद नकदी संकट से जूझ रहे देश में पर्यटन को बढ़ावा देना था।
उद्योग विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि विमानन क्षेत्र में वृद्धि से पर्यटन भी बढ़ेगा।
अग्रवाल ने कहा, ‘‘हम विमानन उद्योग की दीर्घकालिक संभावनाओं को लेकर बेहद उत्साहित हैं। भारतीय विमानन क्षेत्र दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा और तेजी से बढ़ने वाला बाजार है, जो पिछले दशक में लगभग 10 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। यह आंकड़ा वैश्विक औसत का लगभग ढाई गुना है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विमानन क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और प्रति व्यक्ति आय से जुड़ा है। मध्यम वर्ग की संख्या बढ़ रही है, तेजी से शहरीकरण हो रहा है और हमारी आबादी काफी युवा है...।’’
अग्रवाल ने कहा, ‘‘इसके अलावा, जिस तरह से भारत में विमानन बुनियादी ढांचा तैयार हो रहा है, वह काफी सराहनीय है। इससे आपूर्ति के साथ मांग भी बढ़ रही है।’’
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