इस्लामाबाद, 22 फरवरी पाकिस्तान के शासन का मूल्यांकन करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के एक मिशन ने पाकिस्तान का दौरा किया और इस तरह के आकलन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की।
समाचार पत्र डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, आईएमएफ का एक तकनीकी मिशन इसी महीने पाकिस्तान में न्यायिक और नियामक प्रणाली की जांच करने के लिए आया था। यह जांच प्रशासन और भ्रष्टाचार की कमजोरियों को दूर करने के लिए चल रहे सात अरब डॉलर की विस्तारित कोष सुविधा (ईएफएफ) के हिस्से के रूप में की गई थी।
इस यात्रा के दौरान, जोएल तुर्कविट्ज़ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने न्यायिक प्रदर्शन, शासन और सुधारों पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी से मुलाकात की।
अपनी वेबसाइट पर हाल ही में जारी एक बयान में आईएमएफ ने याद दिलाया कि उसके ‘स्कोपिंग मिशन ने सरकार के अनुरोध पर प्रशासन एवं भ्रष्टाचार जांच मूल्यांकन (जीसीडी) के लिए आधार तैयार करने हेतु 6-14 फरवरी तक इस्लामाबाद का दौरा किया था।’
बयान के अनुसार, “आईएमएफ इस अभ्यास के लिए पाकिस्तान सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना करता है और हमारे सहयोग को जारी रखने की आशा करता है।”
आईएमएफ ने आगे घोषणा की कि जीसीडी मूल्यांकन के लिए उसका दल “इस वर्ष के अंत में पाकिस्तान लौटेगा, ताकि जानकारी एकत्र करना जारी रखा जा सके और अंतिम मूल्यांकन की तैयारी में शासन, अखंडता और आर्थिक परिणामों को मजबूत करने के अवसरों की खोज की जा सके।”
आईएमएफ ने कहा कि मिशन का फोकस छह प्रमुख सरकारी कार्यों में प्रशासन और भ्रष्टाचार की कमजोरियों का आकलन करना था।
बयान में कहा गया, “इनमें राजकोषीय शासन, केंद्रीय बैंक शासन और परिचालन, वित्तीय क्षेत्र की निगरानी, बाजार विनियमन, कानून का शासन, तथा धन शोधन निरोधक और आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला (एएमएल-सीएफटी) शामिल हैं।”
आईएमएफ ने कहा कि अपनी यात्रा के दौरान टीम ने वित्त प्रभाग, संघीय राजस्व बोर्ड, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान, पाकिस्तान के महालेखा परीक्षक, पाकिस्तान के प्रतिभूति और विनिमय आयोग, विधि और न्याय मंत्रालय तथा सर्वोच्च न्यायालय के साथ विचार-विमर्श किया।
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