देश की खबरें | आईएमडी प्रमुख ने केरल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश से जुड़ी वर्षा चेतावनियों का बचाव किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने बृहस्पतिवार को कहा कि विभाग ने देश के पश्चिमी तटीय क्षेत्र में नियमित आधार पर अच्छी खासी वर्षा गतिविधि को लेकर पूर्वानुमान जारी किया था और 30 जुलाई की सुबह केरल के लिए रेड अलर्ट जारी किया था।
नयी दिल्ली, एक अगस्त भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने बृहस्पतिवार को कहा कि विभाग ने देश के पश्चिमी तटीय क्षेत्र में नियमित आधार पर अच्छी खासी वर्षा गतिविधि को लेकर पूर्वानुमान जारी किया था और 30 जुलाई की सुबह केरल के लिए रेड अलर्ट जारी किया था।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि केरल सरकार ने भारी बारिश के कारण वायनाड में संभावित प्राकृतिक आपदा के बारे में केंद्र की चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया।
मंगलवार सुबह (30 जुलाई) को वायनाड जिले में भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन में 150 से अधिक लोगों की मौत हो गई।
शाह के दावे का जवाब देते हुए, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बुधवार को कहा कि आईएमडी ने भूस्खलन से पहले जिले में केवल एक आरेंज अलर्ट जारी किया था।
उन्होंने कहा कि जिले में 572 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई, जो आईएमडी द्वारा की गई भविष्यवाणी से काफी अधिक है।
आईएमडी प्रमुख ने एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि मौसम विभाग ने 18 जुलाई और 25 जुलाई को भारत के पश्चिमी तटीय क्षेत्र में अच्छी खासी वर्षा गतिविधि के लिए एक विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया था।
महापात्र ने कहा, "25 जुलाई को जारी दीर्घकालिक पूर्वानुमान में 25 जुलाई से एक अगस्त तक पश्चिमी तटीय क्षेत्र और देश के मध्य भागों में अच्छी खासी बारिश की गतिविधि का संकेत दिया गया था। हमने 25 जुलाई को एक येलो अलर्ट जारी किया था, जो 29 जुलाई तक जारी रहा, जब हमने आरेंज अलर्ट जारी किया। 30 जुलाई की सुबह एक रेड अलर्ट जारी किया गया था, जो दर्शाता है कि 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है।"
आईएमडी प्रमुख ने कहा कि आरेंज अलर्ट का मतलब है "कार्रवाई के लिए तैयार रहें और किसी को रेड अलर्ट का इंतजार नहीं करना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि इसी तरह, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए चेतावनी दी गई थी।
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने की दो अलग-अलग घटनाओं के बाद तीन लोगों की मौत हो गई और लगभग 40 लोग लापता हो गए। यहां बारिश से कई घर और सड़क बह गई और दो पनबिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया।
महापात्र ने कहा कि यह पता लगाना मुश्किल है कि हिमाचल प्रदेश में बादल फटा या नहीं।
उन्होंने कहा, "उदाहरण के लिए, दिल्ली में भी (बुधवार रात को) बहुत कम समय में भारी बारिश हुई। हम इसे अत्यधिक तीव्र वर्षा कहते हैं।"
उन्होंने बताया, "दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का कारण मानसून की रेखा का (अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण से) उत्तर की ओर खिसकना है।"
महापात्र ने बताया कि दिल्ली के लिए दो दिन के लिए आरेंज अलर्ट जारी किया गया था।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 01, 2024 03:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

