देश की खबरें | आईएमए ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से स्वास्थ्य सेवाओं से जीएसटी वापस लेने की मांग की

नयी दिल्ली, 16 जुलाई इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने शनिवार को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से अनुरोध किया कि वह स्वास्थ्य सेवाओं पर 18 जुलाई के बाद से लगने वाले माल और सेवाकर (जीएसटी) को वापस ले लें।

आईएमए ने कहा कि इस (जीएसटी लगाने के) कदम से देशभर के अस्पतालों और क्लीनिक को चलाने की लागत बढ़ेगी।

आईएमए ने 47वीं जीएसटी परिषद की बैठक में की गई सिफारिश का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि ‘‘सीटीईपी की तरह सामान्य बायो मेडिकल कचरा प्रबंधन सेवा के निस्तारण आदि पर 12 प्रतिशत जीएसटी 18 जुलाई के बाद से लगाया जाएगा, ताकि उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट की अनुमति मिल सके।’’ जबकि पूर्व में ये सेवाएं जीएसटी के दायरे से बाहर थीं।

डॉक्टरों के संगठन ने कहा कि ‘‘सिफारिश में आईसीयू को छोड़कर अस्पताल में 5000 रुपये प्रति दिन से अधिक महंगे कमरों पर भी पांच प्रतिशत इनपुट टैक्स क्रेडिट के बिना जीएसटी लगाने का प्रस्ताव किया गया है।’’

संगठन ने कहा कि पूर्व में यह सुविधा जीएसटी से मुक्त थी, लेकिन 18 जुलाई के बाद से इसपर भी कर लगेगा।

आईएमए ने पत्र में कहा, ‘‘हम देश के सभी अस्पतालों और डॉक्टरों की ओर से इन नए करों पर अपनी गंभीर चिंता और आपत्ति जताते हैं। इस कदम से लोगों पर स्वास्थ्य सेवा के मामले में अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।’’

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