अहमदाबाद, 26 अगस्त वडोदरा पुलिस की एक टीम दो लोगों को गिरफ्तार करने के लिए गुजरात से उत्तर प्रदेश गयी है जो कथित रूप से अवैध धर्मांतरण के लिए एक धर्मार्थ संस्था की राशि अन्यत्र स्थानांतरित करने और सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों तथा दिल्ली के सांप्रदायिक दंगों में गिरफ्तार लोगों को कानूनी मदद प्रदान करने में शामिल हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
वडोदरा पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि दोनों आरोपी - मोहम्मद उमर गौतम और सलाउद्दीन शेख - अभी लखनऊ की एक जेल में बंद हैं। वडोदरा पुलिस की टीम एक स्थानीय अदालत द्वारा जारी पेशी वारंट के साथ वहां पहुंच गई है।
उत्तर प्रदेश आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने दिल्ली निवासी उमर गौतम को जून में धोखे से लोगों को इस्लाम में धर्मांतरित करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। शेख को उप्र एटीएस ने पिछले महीने वडोदरा के पानीगेट इलाके से गिरफ्तार किया था। शेख पर आरोप है कि उसने गौतम और अन्य को अवैध धर्मांतरण के लिए धन मुहैया कराया था।
एसओजी ने विज्ञप्ति में कहा कि वडोदरा पुलिस की एक समानांतर जांच से पता चला है कि गुजरात शहर में अफमी चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारी के रूप में शेख ने दुबई सहित विभिन्न स्रोतों से कथित तौर पर 24.48 करोड़ रुपये एकत्र किए।
जब उप्र एटीएस मुख्य मामले की जांच कर रहा था, उसी दौरान वडोदरा पुलिस भी अपनी ओर से जांच कर रही थी और 24 अगस्त को शेख, गौतम तथा अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी।
मामले में आगे की जांच के लिए वडोदरा पुलिस द्वारा पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का भी गठन किया गया था।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि वडोदरा एसओजी ने मंगलवार को शेख, गौतम और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की।
जांच के दौरान पता चला कि शेख ने उमर गौतम और अन्य को धर्मांतरण कराने के लिए छह करोड़ रुपये और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शनकारियों और 2020 के दिल्ली सांप्रदायिक दंगों के बाद गिरफ्तार किए गए लोगों को कानूनी मदद के लिए 60 लाख रुपये दिए।
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