नयी दिल्ली, 13 जून भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)- जोधपुर और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)- जोधपुर एक अनूठे गठजोड़ के तहत चिकित्सा प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर, स्नातकोत्तर-पीएचडी और पीएचडी कार्यक्रम उपलब्ध कराएंगे। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि इस गठजोड़ के कारण छात्रों को स्वास्थ्य सेवा प्रौद्योगिकियों के उभरते क्षेत्रों में इन प्रमुख संस्थानों के संकाय के मार्गदर्शन में काम करने का अवसर मिलेगा।
आईआईटी-जोधपुर के निदेशक शांतनु चौधरी ने कहा कि यह भारत का ऐसा पहला कार्यक्रम है, जो एक अकादमिक छत्र के तहत विभिन्न विषयों के अध्ययन की सुविधा मुहैया कराके चिकित्सा पेशेवरों और इंजीनियरों को सीखने और ज्ञान साझा करने का अवसर देगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकियों में नवोन्मेष की उभरती जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसका उद्देश्य चिकित्सकों और इंजीनियर को एक साझा मंच प्रदान करना और नवोन्मेष एवं ज्ञान बांटने को बढ़ावा देना है, ताकि उद्यमिता के माध्यम से स्वदेशी स्वास्थ्य उपकरणों और प्रणालियों का विकास हो सके।’’
चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी प्रौद्योगिकियों में भावी बदलावों संबंधी चुनौतियों का सामना करने के लिए इस तरह के सहयोग आवश्यक हैं।
इस पाठ्यक्रम के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जून, 2022 है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY