नयी दिल्ली, 22 जून प्रमुख उर्वरक सहकारी संस्था इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने अमेरिका को तरल नैनो यूरिया के निर्यात के लिए कैलिफोर्निया स्थित कपूर एंटरप्राइजेज इंक के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान 21 जून को इस समझौते पर हस्ताक्षर किये गये थे।
सहकारी संस्था ने एक बयान में कहा, ‘‘इफको ने अब...संयुक्त राज्य अमेरिका को नैनो तरल यूरिया का निर्यात शुरू कर दिया है।’’
हालाँकि, इफको ने कपूर एंटरप्राइजेज से मिले अनुबंध की मात्रा और मूल्य के बारे में कोई विवरण नहीं दिया।
मौजूदा समय में, यह सहकारी संस्था 25 से अधिक देशों में 5 लाख से अधिक बोतल नैनो तरल यूरिया का निर्यात कर रही है।
इफको ने जून 2021 में, दुनिया का पहला नैनो यूरिया उर्वरक शुरु किया, जबकि इस साल अप्रैल में नैनो डीएपी शुरु किया गया।
इफको नैनो तरल यूरिया की 500 मिलीलीटर की बोतल, पारंपरिक यूरिया के कम से कम एक बैग की जगह ले लेगी। सहकारी संस्था ने कहा कि यह बोतल ‘लॉजिस्टिक’ और भंडारण की लागत को काफी कम कर सकती है।
इसमें कहा गया है कि वाणिज्यिक बाजार में अपनी स्थापना के बाद से इफको भारत में नैनो तरल यूरिया की 5.7 करोड़ से अधिक बोतलें बेच चुकी है।
नैनो यूरिया को पौधों के पोषण के लिए प्रभावी और कुशल पाया गया है। अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (आईआरआरआई) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्रीय वर्षा आधारित तराई चावल अनुसंधान स्टेशन, गेरुआ (असम) और आईआरआरआई-आईएसएआरसी परीक्षण (खरीफ 2021) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार यदि देश अपने चावल क्षेत्र का 50 प्रतिशत नैनो यूरिया के तहत लाता है, तो ग्रीन हाउस गैस में 4.6 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर कमी ला सकता है।
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