रामगढ़ (झारखंड), 29 जून कोयला क्षेत्र से जुड़े श्रमिक संगठन के एक वरिष्ठ नेता ने सोमवार को कहा कि विभिन्न यूनियनों के दो जुलाई से तीन दिन की हड़ताल के आह्वान के बारे में बातचीत होगी तो केवल कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होगी।
विभिन्न कोयला श्रमिक संगठनों ने कोयला क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिये खोले जाने के सरकार के कदम के खिलाफ तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।
ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन (एआईसीडब्ल्यूएफ) के सचिव डी डी रामनंदन ने कहा, ‘‘हम इस बारे में बातचीत करेंगे। लेकिन बातचीत केवल कोयला मंत्री या फिर प्रधानमंत्री के साथ होगी।’’
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन सेंटर फॉर इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू), इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक), ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस, ऑल इंडिया सेंट्रल कमेटी फॉर ट्रेड यूनियन, हिंद मजदूर सभा और भारतीय मजदूर संघ ने वाणिज्यिक खनन के फैसले को वापस लेने की मांग को लेकर कोल इंडिया लि. की अनुषंगी इकाइयों में तीन दिन की हड़ताल का आह्वान किया है।
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रामानंदन ने दावा कि केंद्र सरकार के सचिव स्तर के एक अधिकारी ने केंद्रीय श्रमिक संगठन के नेताओं से फोन पर बातचीत की और वाणिज्यिक खनन के मुद्दे पर कोलकाता में बातचीत के लिये आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मोर्चा ने साफ कर दिया है कि वे केवल कोयला मंत्री या प्रधानमंत्री के साथ ही बातचीत करेंगे। कोयला क्षेत्र में निजी कंपनियों को खनन और कारोबार की अनुमति कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण को समाप्त करना है और यह ट्रेड यूनियन को स्वीकार्य नहीं है।’’
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