जापान को उम्मीद है कि इस यात्रा से विवादास्पद योजना को थोड़ी विश्वसनीयता मिल पाएगी।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी संयंत्र से उपचारित रेडियोधर्मी अपशिष्ट जल को समुद्र में छोड़ने पर आईएईए की अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए आज प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा से मुलाकात करेंगे।
आईएईए के सभी अंतरिम मूल्यांकन सकारात्मक रहे हैं और अंतिम रिपोर्ट में संभवत: यह कहा जाएगा कि पानी के नमूने, परीक्षण तथा उसे छोड़ने की प्रक्रिया पर्याप्त हैं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत है।
क्षतिग्रस्त फुकुशिमा परमाणु संयंत्र से शोधित रेडियोधर्मी अपशिष्ट जल को समुद्र में छोड़ने के लिए आवश्यक उपकरण लगाने का काम पूरा हो गया है।
करीब 1,000 टैंक में संग्रहित उपचारित रेडियोधर्मी जल, जिसकी क्षमता 13.7 लाख टन के करीब है उसे आकस्मिक रिसाव को रोकने तथा संयंत्र को बंद करने के लिए जगह बनाने के लिए समुद्र में छोड़ा जाना है।
दक्षिण कोरिया, चीन और कुछ प्रशांत द्वीप राष्ट्रों ने सुरक्षा चिंताओं और राजनीतिक कारणों से इसका विरोध किया है।
जापान ने योजना के लिए विश्वसनीयता हासिल करने के वास्ते आईएईए से समर्थन मांगा है और आश्वासन दिया है कि उसके सुरक्षा उपाय अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत हैं।
ग्रॉसी मंगलवार को इस परियोजना से जुड़े जापानी मंत्रालयों तथा परमाणु एजेंसी के प्रमुखों से भी मुलाकात करेंगे। अपनी चार दिवसीय यात्रा के दौरान वह फुकुशिमा संयंत्र का दौरा करेंगे।
आईएईए अधिकारियों ने 2022 की शुरुआत से जापान की कई यात्राएं की हैं, हालांकि यह लगातार यह स्पष्ट किया है कि वह अपशिष्ट जल छोड़ने को रोकने सहित जापान की सरकार के लिए फैसला नहीं ले सकता है।
गौरतलब है कि जापान की सरकार ने अप्रैल 2021 में अपनी इस योजना का ऐलान किया था कि उपचारित लेकिन थोड़ी मात्रा में रेडियोधर्मी युक्त पानी को समुद्र में छोड़ा जाएगा। मार्च 2011 में भूकंप और सुनामी ने फुकुशिमा दाइची संयंत्र की ‘कूलिंग प्रणाली’ को तबाह कर दिया था जिससे तीन रिएक्टर पिघल गए थे और बड़ी मात्रा में रेडिएशन का रिसाव हुआ था।
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