देश की खबरें | सुनवाई से पहले ही मुझे दोषी घोषित कर दिया गया: जेएनयू यौन उत्पीड़न मामले की सह-आरोपी

नयी दिल्ली, पांच अप्रैल जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की पूर्व छात्रा एवं यौन उत्पीड़न मामले में एकमात्र महिला सह-आरोपी ने आरोप लगाया है कि विद्यार्थियों द्वारा उसे बेवजह निशाना बनाये जाने से उसके मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ा है।

मामले के खिलाफ पीड़िता एक अप्रैल से विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर रही है।

एक छात्रा ने कथित यौन उत्पीड़न की 31 मार्च को शिकायत की थी। उसने दो पूर्व विद्यार्थियों सहित चार लोगों के खिलाफ शिकायत करते हुए विश्वविद्यालय से कार्रवाई किये जाने की मांग की थी।

महिला सह-आरोपी ने कहा कि उसे पहले ही ‘‘दोषी’’ घोषित कर दिया गया है और सार्वजनिक रूप से उसकी तस्वीरों का प्रसार कर उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है जबकि जांच अभी जारी है।

उसने कहा, ‘‘बेबुनियाद आरोप लगाये जाने और उसके बाद सार्वजनिक रूप से मेरी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाए जाने से मेरा मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है। मुझे बेवजह निशाना बनाया गया और जेएनयू समुदाय की नजरों में अपमानित किया गया।’’

सह-आरोपी ने कहा, ‘‘मेरी सहमति के बिना मेरी तस्वीरें जारी की गईं, मेरी निजता और गरिमा को ठेस पहुंचाया गया।’’ उसने आरोप लगाया कि निहित स्वार्थ वाले लोग छात्रों के बीच एकतरफा कहानी फैला रहे हैं।

उसने कहा, ‘‘मुझे कानून की वाजिब प्रक्रिया का पालन किये बिना दोषी करार दिया जा रहा है।’’

मुख्य प्रॉक्टर सुधीर कुमार ने इससे पहले कहा था कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक अप्रैल को दो पूर्व छात्रों के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी है और मामले की जांच शुरू की है।

बृहस्पतिवार को जेएनयू प्रशासन ने कथित यौन उत्पीड़न मामले को लेकर परिसर के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे 21 छात्रों को ‘प्रोक्टर जांच नोटिस’ जारी किया।

इन विद्यार्थियों में कथित यौन उत्पीड़न घटना की पीड़िता और जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष धनंजय भी शामिल है। परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार को अवरूद्ध करने को लेकर उनके खिलाफ यह नोटिस जारी किया गया।

अपनी शिकायत पर प्रशासन के कार्रवाई नहीं करने के खिलाफ पीड़िता परिसर के मुख्य द्वार के बाहर एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरना पर है।

शिकायत के अनुसार, मामले में आरोपी चार लोगों ने पीड़िता पर उस वक्त अपमानजनक टिप्पणी की थी जब वह 31 मार्च को तड़के परिसर के पास रिंग रोड पर एक मित्र के साथ टहल रही थी।

पीड़िता सहित विद्यार्थियों का एक वर्ग विश्वविद्यालय के मुख्य द्वारा पर धरना दे रहा है।

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