रांगिया/गुवाहाटी, 17 जुलाई असम के कामरूप जिले में एक कोविड देखभाल केंद्र से करीब सौ मरीज बाहर निकल आए और उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग 31 अवरुद्ध करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें पर्याप्त भोजन और पानी मुहैया नहीं कराया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि कामरूप के उपायुक्त कैलाश कार्तिक पुलिस के साथ बृहस्पतिवार को चांगसारी में कोविड देखभाल केंद्र पहुंचे और मरीजों से राजमार्ग से हटने तथा केंद्र में लौटने के लिए कहा ताकि बातचीत के जरिए मामले का हल निकाला जा सके।
एक अधिकारी ने बताया कि इलाके में तनाव बना हुआ है। हालांकि आश्वासन के बाद मरीज केंद्र में वापस लौट गए।
मरीजों ने आरोप लगाया कि उन्हें भोजन और पानी मुहैया नहीं कराया जा रहा और बिस्तरों की हालत भी ठीक नहीं है साथ ही 10-12 मरीजों को एक ही कमरे में रखा गया है।
अधिकारी ने बताया कि उपायुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके आरोपों पर विचार किया जाएगा और उन्हें दूर करने के प्रयास किए गए।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि अगर मरीज कोविड देखभाल केंद्र से खुश नहीं है तो वे अपने घर में पृथक-वास कर सकते हैं।
उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम उन्हें देखभाल केंद्र लेकर आए ताकि उनका इलाज हो सके और वे दूसरे लोगों को संक्रमित न करें। अगर वे वहां खुश नहीं हैं तो वे शपथपत्र पर हस्ताक्षर कर सकते हैं और घर पर पृथक-वास में रह सकते हैं।’’
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी दिन- रात ड्यूटी पर हैं और काम का अत्यधिक बोझ होने के कारण कुछ विलंब हो सकता है।
सरमा ने कहा, ‘‘दूसरे राज्यों में तो जांच के लिए भी पैसे लिए जा रहे हैं लेकिन असम में जांच से लेकर रहने और खाने तक का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है।’’
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