शिमला, 29 दिसंबर राज्य में साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर हिमाचल प्रदेश की पुलिस ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर स्कूली पाठ्यक्रम में डिजिटल नागरिक शास्त्र (सिविक्स) और साइबर सुरक्षा को शामिल करने का आग्रह किया है।
पुलिस विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोबाइल और डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के कारण साइबर अपराध में वृद्धि हुई है और साल 2017 में साइबर अपराध से संबंधित 923 शिकायतें दर्ज कराई गई थीं जो 2021 में 6207 हो गई हैं।
प्रधान सचिव (शिक्षा) को संबोधित एक पत्र में कहा गया है कि स्कूली पाठ्यक्रम में साइबर सुरक्षा और डिजिटल नागरिक शास्त्र पर अध्यायों को शामिल करने से साइबर अपराधों के बारे में जागरूकता फैलेगी और युवा पीढ़ी डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रह सकेगी।
पत्र में कहा गया है कि आजकल स्कूल जाने वाले बच्चे कम आयु से ही कंप्यूटर और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं, इसलिए उन्हें साइबर अपराध के बारे में जागरूक करना जरूरी हो गया है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध की कोई सीमा नहीं है।
उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे अपराधों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी देने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन फिर भी साइबर अपराध से मुकाबला करना चुनौतीपूर्ण है और इस बाबत अभियान जरूरी है, क्योंकि एहतियात उपचार से बेहतर है।
उन्होंने कहा कि सामान्य साइबर अपराधों में धोखाधड़ी के मकसद से संदेश या ईमेल भेजना, ऑनलाइन उत्पीड़न, ‘साइबर स्टॉकिंग’, निजता पर आक्रमण, डेबिट/क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, एटीएम धोखाधड़ी और अश्लील साहित्य शामिल हैं और महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
पुलिस अधीक्षक (साइबर अपराध) रोहित मालपानी ने कहा कि साइबर शिकायतों में 10 से 15 प्रतिशत प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बच्चे शामिल होते हैं और सोशल मीडिया से संबंधित शिकायतों में यह संख्या 30 प्रतिशत से अधिक हो जाती है।
उन्होंने पीटीआई- को बताया कि स्कूली पाठ्यक्रम में डिजिटल नागरिक शास्त्र और साइबर सुरक्षा पर अध्याय शामिल करने के लिए शिक्षा विभाग को एक प्रस्ताव भेजा गया है।
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