जरुरी जानकारी | होटल, पर्यटन क्षेत्र की बजट में उद्योग, निर्यात क्षेत्र का दर्जा देने की मांग

मुंबई, 20 नवंबर होटल एवं पर्यटन क्षेत्र के संगठन ‘फेडरेशन ऑफ एसोसिएशन इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी’ (फेथ) ने शुक्रवार को कहा कि देश में क्षेत्र को उद्योग और निर्यात का दर्जा दिया जाए।

फेथ ने अपने बजट पूर्व सुझावों में सरकार से सभी राज्यों में होटल और पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की अनिवार्यता बतायी, क्योंकि पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र के प्रतिष्ठान ना सिर्फ खुदरा कारोबार करते हैं बल्कि उच्च गुणवत्ता की सेवाओं का भी उत्पादन करते हैं।

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संगठन ने कहा कि बिजली और पानी बिलों की दरें और शुल्क भी प्रभावी तौर पर औद्योगिक दरों के हिसाब से लेना चाहिए।

फेथ ने एक बयान में कहा कि सभी मौजूदा लाइसेंस, परमिट और अनुमतियों की समीक्षा की जाए और इन्हें राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप बनाया जाए।

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हाल में महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश सरकार ने क्षेत्र को उद्योग का दर्जा प्रदान किया है।

इसी के साथ फेथ ने अपने सुझावों में क्षेत्र को निर्यात उद्योग का दर्जा देने की भी बात कही ताकि पांच सालों में विदेशों से आने वाले पर्यटन में भारत की हिस्सेदारी को ढाई प्रतिशत तक बढ़ाया जा सके।

इसके अलावा फेथ ने पर्यटन क्षेत्र से होने वाली विदेशी मुद्रा की आय पर माल एवं सेवाकर (जीएसटी) की शून्य दर लगाने का भी सुझाव दिया है।

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