शिमला, 20 दिसंबर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को वित्त विभाग को पुरानी पेंशन योजना के लिए अंतिम प्रस्ताव पेश करने का निर्देश दिया, ताकि यथाशीघ्र इसे लागू करना सुनिश्चित हो सके।
एक बयान में, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि पुरानी पेंशन योजना के संबंध में कर्मचारियों की लंबित मांग को मंत्रिमंडल की पहली बैठक में पूरा किया जाएगा, जैसा कि कांग्रेस प्रतिज्ञा पत्र-2022 में वादा किया गया था।
उन्होंने कहा कि विभिन्न कर्मचारी संगठनों और समाज के अन्य वर्गों के सुझावों पर विचार किया जा रहा है, ताकि व्यवहार्य और व्यापक पेंशन योजना तैयार की जा सके।
कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाने के कारण मुख्यमंत्री सुक्खू पृथक-वास में हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा दी गई सभी 10 गारंटी को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और लोगों की उम्मीदों तथा आकांक्षाओं पर खरा उतरने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि कांग्रेस पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के लिए गंभीर नहीं है और उसके विधायक पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने में व्यस्त हैं।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार तो बहाना है और कांग्रेस अपने वादों से मुकर रही है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच विभागों का बंटवारा हो सकता है, तो वे कैबिनेट की बैठक बुला कर पुरानी पेंशन योजना को क्यों बहाल नहीं करते हैं।
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