शिमला, आठ मई पिछले 72 सालों में हिमाचल प्रदेश से महज तीन महिलाएं ही लोकसभा पहुंच पायी हैं तथा इस बार भी चुनाव मैदान में महज दो महिला प्रत्याशी ही हैं।
राज्य में कुल मतदाताओं में से करीब 49 प्रतिशत महिलाएं हैं।
अब तक लोकसभा पहुंचने में सफल रहीं तीन प्रत्याशी राजकुमारी अमृत कौर, चंद्रेश कुमारी और प्रतिभा सिंह राजपरिवारों से हैं।
इस बार, केवल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने राज्य में चार लोकसभा सीटों पर एक जून को होने वाले चुनाव के लिए महिलाओं को उम्मीदवार बनाया है।
भाजपा ने अभिनेत्री कंगना रनौत को मंडी से और बसपा ने रेखा रानी को कांगड़ा से चुनाव मैदान में उतारा है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रमुख रमेश चौहान ने कहा, ‘‘ सामान्य पृष्ठभूमि की महिलाओं द्वारा राजनीति में ऊंचाई पर पहुंचना और अपने लिए एक जगह बना पाना अब भी देश में एक बड़ी चुनौती है तथा हिमाचल प्रदेश कोई अपवाद नहीं है। फिलहाल राज्य में कुल मतदाताओं में से 49 प्रतिशत मतदाता महिला हैं लेकिन प्रतिनिधित्व एक चौथाई भी नहीं है और यह गंभीर चिंता का विषय है।’’
चौहान ने ‘पीटीआई-’ से कहा कि राजनीति में जो मायने रखता है वह यह है किसके पास निर्णय लेने की ताकत है। आम तौर पर यह ताकत पुरूषों के पास होती है लेकिन, जबतक महिलाओं को अहम पद नहीं दिये जाते हैं तबतक वे ‘सशक्त’ होकर नहीं उभरेंगी और अपने वर्चस्वशील पुरूष समकक्षों से आगे नहीं निकल पायेंगी।
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