100 साल की सबसे बड़ी महामारी के खिलाफ चैंपियन बनकर उभरा हिमाचल प्रदेश : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश की सौ प्रतिशत पात्र आबादी को कोरोना रोधी टीकों की पहली खुराक लगाए जाने को सोमवार को राज्य सरकार की कुशलता और जन-जन की जागरुकता का परिणाम बताया और कहा कि इसकी बदौलत ही यह पहाड़ी राज्य 100 साल की सबसे बड़ी, कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में ‘‘चैंपियन’’ बन कर उभरा है।
शिमला, 6 सितंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की सौ प्रतिशत पात्र आबादी को कोरोना रोधी टीकों की पहली खुराक लगाए जाने को सोमवार को राज्य सरकार की कुशलता और जन-जन की जागरुकता का परिणाम बताया और कहा कि इसकी बदौलत ही यह पहाड़ी राज्य 100 साल की सबसे बड़ी, कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में ‘‘चैंपियन’’ बन कर उभरा है. यह भी पढ़े: MP में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने को BJP ने बनाया मास्टरप्लान
प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मियों और कोविड-19 टीकाकरण के लाभार्थियों से संवाद के दौरान यह बात कही. ज्ञात हो कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां अब तक सभी पात्र लोगों को कोविड रोधी टीके की पहली खुराक लगाई जा चुकी है.इस उपलक्ष्य पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे प्रधानमंत्री ने कहा कि जो हिमाचल प्रदेश कभी छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए संघर्ष करता था वह आज विकास की नयी गाथा लिख रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘यह सब कुछ देवी-देवताओं के आशीर्वाद से, हिमाचल सरकार की कुशलता से और हिमाचल प्रदेश के जन-जन की जागरूकता से संभव हो पाया. हिमाचल प्रदेश ने एक टीम के रूप में काम करके यह उपलब्धि हासिल की है. 100 वर्ष की सबसे बड़ी महामारी के विरुद्ध लड़ाई में हिमाचल प्रदेश चैंपियन बन कर सामने आया है. ’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने ना सिर्फ अपनी पूरी पात्र आबादी को कोरोना रोधी टीके की पहली खुराक दी है बल्कि दूसरी खुराक के मामले में भी वह लगभग एक तिहाई आबादी को टीका लगा चुका है. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों की इस सफलता ने देश का आत्मविश्वास भी बढ़ाया है और आत्मनिर्भर होना कितना जरूरी है, यह भी याद दिलाया है.उन्होंने कहा कि 130 करोड़ भारतीयों के विश्वास और आत्मनिर्भरता का ही परिणाम है कि भारत आज एक दिन में सवा करोड़ टीके लगाकर रिकॉर्ड बना रहा है.उन्होंने कहा, ‘‘जितने टीके भारत आज एक दिन में लगा रहा है, वह कई देशों की पूरी आबादी से भी ज्यादा हैं. भारत के टीकाकरण अभियान की सफलता प्रत्येक भारतवासी के परिश्रम और पराक्रम की पराकाष्ठा का परिणाम है. ’’प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों ने सभी प्रकार की अफवाहों को खारिज किया और इस बात के गवाह बने कि देश का ग्रामीण समाज किस प्रकार दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण और सबसे तेज टीकाकरण अभियान को शत-शत आगे बढ़ा रहा है. यह भी पढ़े:COVID-19: देश में 167 दिन बाद कोरोना से सबसे कम मौत, 24 घंटे में 38,948 नए मामले
इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, युवा व खेल मामलों के मंत्री अनुराग ठाकुर और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित कई अन्य गणमान्य लोग भी शामिल हुए.प्रधानमंत्री ने इस दौरान कुछ चिकित्सकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित कुछ स्वास्थ्य कर्मियों से भी बात की. इनमें से एक डॉक्टर राहुल ने बताया कि किन मुश्किल परिस्थितियों का सामना करते हुए उन्होंने टीकाकरण अभियान चलाया. डॉक्टर राहुल शिमला जिले के डोडरा क्वार सिविल अस्पताल में नियुक्त हैं.उनसे संवाद में प्रधानमंत्री ने कहा कि टीके की एक शीशी से अगर 11 खुराक दी जाती है तो टीकों पर होने वाले खर्च में से 10 प्रतिशत बचाया जा सकता है.प्रधानमंत्री ने एक बार फिर देशवासियों से आग्रह किया कि वह टीकों की दोनों खुराक लेने के बाद भी सुरक्षा के सभी उपायों को अपनाएं, मास्क पहनें और दो गज की दूरी के मंत्र का पालन करें.उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार बारिश और बर्फबारी के बाद लोग संभल कर चलते हैं, उसी प्रकार टीका लगाने के बाद भी संभलकर रहना है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करनी है. इसके लिए मास्क और दो गज की दूरी के मंत्र का पालन करना बेहद जरूरी है.
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 06, 2021 12:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

