NEET Debate in Rajya Sabha: ‘पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, फिर चर्चा’; नीट मुद्दे पर राज्यसभा में भारी हंगामा (Videos)
संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को भारी हंगामा हुआ. विपक्ष द्वारा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12:00 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.
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नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) के दौरान गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को राज्यसभा की शुरुआत बेहद हंगामेदार रही. नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर विपक्षी सांसदों के भारी विरोध और नारेबाजी के बाद उच्च सदन की कार्यवाही दोपहर 12:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. जहां सरकार ने कहा कि वह नीट मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, वहीं विपक्ष ने चर्चा शुरू होने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की शर्त रख दी. यह भी पढ़ें: Paper Leak Row: 'फास्ट-ट्रैक कोर्ट' के ऐलान पर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर पलटवार, रखीं 3 प्रमुख मांगें
"विपक्ष शर्तें थोपकर चर्चा से भाग रहा है" — किरेन रिजिजू
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में बोलते हुए कहा कि सरकार संसद के दोनों सदनों में नीट मुद्दे पर बिना किसी राजनीति के विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार है.
किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा:
"सभी दलों और एनडीए ने मांग की है कि नीट पर चर्चा हो. हमने विपक्ष से अनुरोध किया था कि आपस में तय करके चर्चा की समय-सीमा तय करें, लेकिन शर्तें न थोपें. विपक्ष का शर्तें थोपने का इरादा सही नहीं है क्योंकि वे चर्चा को रोकना चाहते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा मिल सके. मेरी अपील है कि विपक्ष कोई पूर्व-शर्त न रखे."
"प्रधानमंत्री का बयान उकसाने वाला, पहले इस्तीफा हो" — मल्लिकार्जुन खड़गे
सरकार के आरोपों का जवाब देते हुए राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को "उकसाने वाला" (Instigative) करार दिया.
खड़गे ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष चर्चा के लिए नैतिक जवाबदेही तय होना आवश्यक है. उन्होंने कहा:
"जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक सदन में इस मुद्दे पर कोई निष्पक्ष और सार्थक चर्चा नहीं हो सकती. सरकार को पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए."
कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग की
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही होगा। pic.twitter.com/9gINXSWjJd
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 23, 2026
'कांग्रेस की शर्त के कारण NEET पर चर्चा रुकी'
Delhi: Speaking in the Rajya Sabha, Union Minister Kiren Rijiju says, "All parties have demanded that NEET should be discussed. Today also, the entire NDA has again demanded that NEET be discussed. Yesterday, Kharge and other opposition leaders met, and we hoped that a discussion… pic.twitter.com/3PhwaXJBGw
— IANS (@ians_india) July 23, 2026
मकर द्वार पर प्रदर्शन और एनडीए का पलटवार
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद भवन परिसर स्थित मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया. विपक्षी सांसद शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ तख्तियां लेकर नारेबाजी कर रहे थे.
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. कल्याण बनर्जी को महिला सांसदों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में लोकसभा से मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 23, 2026 01:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

