मुंबई, एक मार्च बंबई उच्च न्यायालय ने एल्गार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में आरोपी कवि वरवर राव को स्वास्थ्य के आधार पर दी गयी जमानत आठ मार्च तक बढ़ा दी है।
उच्च न्यायालय ने मंगलवार को यह भी पूछा कि क्या नवी मुंबई की तलोजा जेल में हालात सुधरे हैं।
न्यायमूर्ति एस बी शुक्रे और न्यायमूर्ति जी ए सनप की खंडपीठ ने कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे हैं तो आरोपी (राव) को वापस वहां भेजने पर उनके और बीमारियों की चपेट में आने का खतरा होगा।
उच्च न्यायालय ने राव को फरवरी 2021 में छह महीने के लिए अस्थायी चिकित्सा जमानत दी थी। बाद में राव ने अर्जी दायर कर जमानत अवधि बढ़ाए जाने का अनुरोध किया था और फिर एक अन्य अर्जी दायर कर खराब स्वास्थ्य के आधार पर स्थायी रूप से जमानत दिए जाने का अनुरोध किया था।
अदालत ने सितंबर 2021 से कई बार उनके आत्मसमर्पण करने की अवधि बढ़ायी है।
राव की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर ने कहा कि ‘‘अभियोजन का रवैया बदलना चाहिए और उनकी कोशिश स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद किसी आरोपी को जेल में रखने की नहीं होनी चाहिए।’’
अदालत इस मामले में आठ मार्च को सुनवाई जारी रखेगी।
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