देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने पुलिस से सफूरा जरगर की जमानत याचिका पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा
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नयी दिल्ली, 18 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस को आतंकवाद विरोधी कानून ‘यूएपीए’ के तहत गिरफ्तार जामिया समन्वय समिति की सदस्य सफूरा जरगर की जमानत याचिका पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है। जरगर ने फरवरी में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित एक मामले में जमानत की मांग की है।

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की एमफिल छात्रा जरगर चार महीने से अधिक समय से गर्भवती हैं।

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न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने पुलिस को नोटिस जारी किया और उससे जमानत याचिका पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।

उच्च न्यायालय ने मामले को अगली सुनवाई के लिए 22 जून को सूचीबद्ध किया।

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गत 10 अप्रैल को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा गिरफ्तार की गई जरगर ने मामले में निचली अदालत के चार जून के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें अदालत ने उसे जमानत देने से इनकार कर दिया था।

निचली अदालत ने तब अपने आदेश में कहा था, ‘‘जब आप अंगारे के साथ खेलते हैं, तो चिंगारी से आग भड़कने के लिए हवा को दोष नहीं दे सकते।’’

अदालत ने कहा था कि जांच में एक बड़ी साजिश का पता चला है और अगर किसी साजिशकर्ता द्वारा किए गए षड्यंत्र, कृत्यों और बयानों के सबूत हैं, तो यह सभी के खिलाफ स्वीकार्य है।

हालाँकि, निचली अदालत ने संबंधित कारा अधीक्षक से जरगर को पर्याप्त चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए कहा था।

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