एजेंसी न्यूज

Cyclone Michaung: चक्रवाती तूफान 'माइचौंग' की दस्तक, इन राज्यों में दिखेगा असर

बंगाल की खाड़ी के ऊपर गहरा दबाव क्षेत्र रविवार को चक्रवाती तूफान ‘मिगजॉम’ में बदल गया और पांच दिसंबर तक इसके नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है.

Cyclone Michaung: चक्रवाती तूफान 'माइचौंग' की दस्तक, इन राज्यों में दिखेगा असर
Representational Image | PTI

भुवनेश्वर, 3 दिसंबर : बंगाल की खाड़ी के ऊपर गहरा दबाव क्षेत्र रविवार को चक्रवाती तूफान ‘मिगजॉम’ (Michaung) में बदल गया और पांच दिसंबर तक इसके नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है. इस दौरान 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है. भारत मौसम विज्ञान (आईएमडी) ने एक बुलेटिन में यह जानकारी दी. उसने बताया कि इस च्रक्रवात के प्रभाव के कारण दक्षिणी ओडिशा के अधिकतर हिस्सों में एवं राज्य के तटीय क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है. चक्रवात ‘मिगजॉम’ नाम म्यांमा ने सुझाया है और इसका अर्थ ताकत या लचीलापन है.

मौसम एजेंसी ने कहा कि दबाव क्षेत्र के कारण बनी प्रणाली पिछले छह घंटों के दौरान पांच किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ी और एक चक्रवाती तूफान में बदल गई जो सुबह साढ़े पांच बजे पुडुचेरी से लगभग 300 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, चेन्नई से 310 किलोमीटर दक्षिणपूर्व, नेल्लोर से 440 किलोमीटर दक्षिणपूर्व, बापटला से 550 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और मछलीपट्टनम से 550 किलोमीटर दक्षिणपूर्व में केंद्रित थी. इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए और तेज होने और चार दिसंबर की दोपहर तक दक्षिणी आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु तटों के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंचने की संभावना है.

बुलेटिन में कहा गया है, ‘‘इसके बाद यह उत्तर की ओर दक्षिणी आंध्र प्रदेश तट के लगभग समानांतर एवं करीब बढ़ेगा तथा पांच दिसंबर को पूर्वाह्न में 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से एक चक्रवाती तूफान के रूप में नेल्लोर और मछलीपट्टनम के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश तट से टकराएगा.’’ इसके प्रभाव से ओडिशा में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होगी तथा चार से छह दिसंबर के दौरान दक्षिण तटीय और आसपास के दक्षिण आंतरिक ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है और पांच दिसंबर को उसी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है.

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इसके प्रभाव से ओडिशा में तीन दिसंबर को बारिश फिर से शुरू हो सकती है और अगले तीन दिनों में इसकी तीव्रता बढ़ जाएगी.’’ उन्होंने कहा कि रविवार को तटीय ओडिशा, नबरंगपुर, कालाहांडी और कंधमाल जिलों में एक या दो स्थानों पर या मलकानगिरी, कोरापुट, रायगडा, गजपति और गंजाम में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होगी.

राज्य में चार दिसंबर को मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, गजपति और गंजाम में एक या दो स्थानों पर भारी वर्षा (सात से 11 सेंटीमीटर) होने की संभावना के मद्देनजर आईएमडी ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है. आईएमडी ने बताया कि इसी तरह से मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, गजपति, गंजाम एवं पुरी में कई स्थानों पर मध्यम बारिश और गरज के साथ वर्षा का अनुमान है जबकि कंधमाल, नबरंगपुर, कालाहांडी, नयागढ़, खुर्दा, जगतसिंहपुर और कटक में कुछ स्थानों पर तथा राज्य के शेष हिस्सों के एक या दो स्थानों पर गरज के साथ बारिश हो सकती है.

आईएमडी ने पांच दिसंबर के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. उसने पूर्वानुमान जताया कि मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, गजपति और गंजाम के पांच जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा (सात से 20 सेंटीमीटर) हो सकती है. राज्य सरकार ने सभी तटीय और दक्षिणी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रखा है और कृषि विभाग के तहत कार्यरत कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं. पूर्व तटीय रेलवे (ईसीओआर) ने बारिश और हवा की संभावना को देखते हुए अपने अधिकार क्षेत्र में54 ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया है. मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे अगली सूचना दिए जाने तक समुद्र में न जाएं क्योंकि समुद्र में स्थिति बेहद खराब रहेगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 03, 2023 12:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).