विदेश की खबरें | नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के मामले में साक्ष्य दर्ज करने संबंधी सुनवाई जनवरी मे शुरू होगी

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नेतन्याहू को हर सुनवाई के दौरान हाजिर रहने की जरूरत होगी या नहीं, लेकिन कुछ इस्राइली मीडिया का कहना है कि उन्हें पेश होना होगा।

न्यायालय में सुनवाई से नेतन्याहू की कानूनी परेशानी लोगों में चर्चा का विषय रहेगी और यह सवाल उठता रहेगा कि सुनवाई का सामना करने के दौरान वह पद पर रह सकते हैं या नहीं।

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अदालत का यह फैसला मुकदमे की दूसरी सुनवाई के बाद आया है। मुकदमे की यह सुनवाई दो महीने की देरी के बाद मई में शुरू हुई हुई थी। यह सुनवाई ऐसे समय में बहाल हुई जब नेतन्याहू कोरोना वायरस संकट से निपटने के अपने तौर तरीके को लेकर जनता के असंतोष से भी जूझ रहे हैं।

नेतन्याहू विभिन्न घोटालों में धोखाधड़ी, विश्वासघात और रिश्वतखोरी के आरोपों से घिरे हैं। उन पर अरबपति मित्रों से शानदार उपहार ग्रहण करने और मीडिया कारोबारियों को अपने और अपने परिवार के लिए अधिक पसंदीदा कवरेज के लिए उन्हें नियामकीय लाभ पहुंचाने का आरोप है।

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लंबे समय से सत्तासीन नेतन्याहू ने किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया है और अपने ऊपर लगे आरोपों को मीडिया द्वारा उनके खिलाफ चलाया गया अभियान करार दिया। उन्होंने कहा है कि कानून लागू करने वाला तंत्र भी पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्रवाई कर रहा है।

मई में पहली सुनवाई के वक्त न्यायाधीशों के सामने पेश होने से महज कुछ पहले नेतन्याहू ने अदालत परिसर में मंच पर आकर देश के कानूनी संस्थानों के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया था। उनके साथ उनकी पार्टी के सदस्य भी थे। वह रविवार की सुनवाई में पेश नहीं हुए।

अदालत के अनुसार न्यायाधीश ने निर्णय लिया कि जनवरी में साक्ष्य दर्ज करने संबंधी सुनवाई होगी तथा सप्ताह में तीन दिन यह सुनवाई चलेगी।

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