चंडीगढ़/भुवनेश्वर/ईटानगर, 17 अगस्त पंजाब, हरियाणा, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में चिकित्सकों ने कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या किए जाने की घटना के विरोध में शनिवार को प्रदर्शन किया जिसके कारण इन राज्यों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’ (आईएमए) ने देश भर में अपने सदस्यों से 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया है। हड़ताल रविवार सुबह छह बजे समाप्त होगी।
चंडीगढ़ में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) में रेजिडेंट डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को छठे दिन भी जारी रहा।
पीजीआईएमईआर के संकाय सदस्य का संघ भी आईएमए के आह्वान का समर्थन कर रहा है।
आईएमए की पंजाब इकाई के सलाहकार नवजोत दहिया ने कहा कि महिला चिकित्सक के लिए न्याय और चिकित्सकों की सुरक्षा की मांग को लेकर पटियाला, अमृतसर तथा लुधियाना में कई जगहों पर स्वास्थ्यकर्मियों ने धरना दिया।
प्रदर्शनकारी चिकित्सकों ने कहा कि बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की सेवाएं बंद रहीं और वैकल्पिक सर्जरी भी नहीं की गईं, लेकिन आपातकालीन सेवाएं चालू हैं।
अमृतसर में प्रदर्शन कर रहे एक चिकित्सक ने कहा कि अगर चिकित्सक अस्पताल में ही सुरक्षित नहीं हैं, तो भला कहां सुरक्षित होंगे ?
वहीं, अरुणाचल प्रदेश के नाहरलगुन में ‘टोमो रीबा इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज’ के चिकित्सकों ने आपातकालीन और ट्रॉमा विभाग के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
तख्तियां हाथ में लेकर प्रदर्शनकारी चिकित्सकों ने नारेबाजी की और मृतका तथा उसके परिवार के सदस्यों के लिए न्याय की मांग की। एक चिकित्सक ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि अस्पताल में सभी नियमित सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
ईटानगर स्थित रामकृष्ण मिशन अस्पताल (आरकेएम) के चिकित्सक भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
आरकेएम के सचिव स्वामी वेदसरानंद ने एक विज्ञप्ति में बताया कि अस्पताल ने आज सुबह छह बजे से अगले 24 घंटे की अवधि के लिए ओपीडी और वैकल्पिक सर्जरी की सेवाओं को निलंबित कर दिया।
पश्चिम सियांग जिले के आलो सामान्य अस्पताल और पासीघाट के बाकिन पर्टिन सामान्य अस्पताल के चिकित्सकों ने भी देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
ओडिशा में विरोध-प्रदर्शन में ‘इंडियन मेडिकल एसोसिएशन’ (आईएमए) के लगभग 6,000 सदस्य शामिल हुए, जिसके कारण सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में ओपीडी, वैकल्पिक सर्जरी और प्रयोगशाला सेवाएं बंद रहीं।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने कहा कि सरकार विभिन्न चिकित्सक संघों से बातचीत कर रही है और प्रदर्शनकारी चिकित्सकों से काम पर लौटने का अनुरोध किया है।
‘ओडिशा मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन’ (ओएमटीए) ने एक बयान में कोलकाता के अस्पताल में हुई घटना की निंदा की और आंदोलन को समर्थन दिया।
इसमें कहा गया, ‘‘हम मृत चिकित्सक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना तथा परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। कार्यस्थल पर चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा की मांग करते हैं।’’
चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण निदेशक (डीएमईटी) डॉ. संतोष मिश्रा ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में वरिष्ठ चिकित्सक और संकाय सदस्य आपातकालीन विभाग में सेवा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हड़ताल के मद्देनजर मेडिकल कॉलेजों में सभी संकाय सदस्यों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।’’
प्रदर्शन का असर कटक में राज्य द्वारा संचालित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, ब्रह्मपुर में एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और वीआईएमएसएआर-बुर्ला सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों में भी देखा गया।
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