कोलकाता, 28 अगस्त पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के बीच सितंबर में जेईई (मुख्य) और नीट प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने के केंद्र सरकार के फैसले से देश में 25 लाख से अधिक छात्रों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ जाएगा।
चटर्जी तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) स्थापना दिवस के अवसर पर एक रैली को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से वायरस के प्रसार की आशंका बढ़ जाएगी और इस समय जब सभी राज्य महामारी से निपटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो अनेक लोगों की जान खतरे में पड़ जाएगी।
पश्चिम बंगाल सहित छह राज्यों ने सितंबर में जेईई और नीट परीक्षा आयोजित कराने के आदेश की समीक्षा के लिए शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया।
टीएमसी महासचिव ने कहा कि राज्य सरकार को उम्मीद है कि शीर्ष अदालत अपील पर विचार करेगी।
अखिल भारतीय तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने देश में कोविड-19 महामारी की असली स्थिति अदालत में पेश नहीं की।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि केंद्र किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर परीक्षा आयोजित क्यों नहीं करा रहा है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY