देश की खबरें | सेंट्रल रिज वन क्षेत्र में 63 संरचनाओं की मौजूदगी पर उच्च न्यायालय ने स्पष्टीकरण मांगा

दिल्ली, 28 अगस्त आप राष्ट्रीय राजधानी के फेफड़ों को कैसे जाम कर सकते हैं? यह सवाल दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को अधिकारियों से किया और स्पष्ट करने के लिए कहा कि 864 हेक्टेयर में विस्तृत सेंट्रल रिज वन क्षेत्र में 63 संरचनाएं क्यों मौजूद हैं।

अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि जिन संरचनाओं को दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा प्राप्त नहीं है उन्हें जाना होगा।

उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे इस इलाके में किसी अपशिष्ट को फेंकने की अनुमति नहीं दें।

‘रिज’ अरावली की पहाड़ियों का चट्टानी विस्तार है जो दिल्ली में स्थित है और इसे आरक्षित वन अधिसूचित किया गया है।

उच्च न्यायालय ने यह जानना चाहा कि सेंट्रल रिज वन में इतनी बड़ी संख्या में संरचनाओं की मौजूदगी का कारण क्या है और प्राधिकारियों को यह स्पष्ट करने के लिए कहा कि ये किस तरह की संरचनाएं हैं।

अदालत ने कहा, ‘‘63 कोई छोटी संख्या नहीं है। यह एक बड़ी संख्या है। उन्हें सुरक्षा कैसे मिल सकती है? मैं समझने में सक्षम नहीं हूं। इन 63 संरचनाओं को जाना होगा। पता करें कि क्या इन संरचनाओं को लेकर किसी अदालत का कोई स्थगन आदेश है। आप (दिल्ली सरकार) तस्वीरों के साथ एक हलफनामा दायर करें कि ये संरचनाएं क्या हैं और आप उन्हें हटाएं।’’

न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने कहा, ‘‘यह राज्य के लोगों के हित में है। ये रिज इलाके दिल्ली के फेफड़ा हैं। रिज क्षेत्र मे 63 संरचनाएं कैसे हो सकती हैं? आप पता लगाएं कि ये संरचनाएं क्या हैं और क्या इनमें से प्रत्येक संरचना को सुरक्षा उपलब्ध है। यदि कोई सुरक्षा नहीं है, तो संरचना को खत्म करना होगा।’’

न्याय मित्र द्वारा अदालत को सूचित किया गया कि इन संरचनाओं को कोई भी सुरक्षा हासिल नहीं है। सेंट्रल रिज के अंदर रोड रोलर और कंक्रीट सड़कों की मौजूदगी के मुद्दे पर उप वन संरक्षक (डीसीएफ) (पश्चिम) द्वारा उच्च न्यायालय को सूचित किया गया कि पिछले दो महीने में 14 ट्रक निर्माण और विध्वंस से जुड़ा मलबा और 10 ट्रक नगरपालिका का कचरा वहां से हटा दिया गया है।

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आप सेंट्रल रिज को कैसे जाम कर सकते हैं? वे असल में दिल्ली के फेफड़े हैं। ये वहां क्यों थे, मैं नहीं समझता। मैं सेंट्रल रिज में इसे नहीं होने दूंगा, मैं इस मुद्दे पर बहुत स्पष्ट हूं।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)