नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर दिल्ली पुलिस ने दिलशाद गार्डन इलाके में बिना इजाजत कार्यक्रम आयोजित करने के आरोप में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और अन्य आयोजकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस कार्यक्रम में कुछ वक्ताओं ने कथित तौर पर नफरत भरे भाषण दिए थे। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
विहिप ने कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं लेने के पुलिस के दावे को ‘‘हास्यास्पद’’ बताया और कहा कि दिलशाद गार्डन में हुए इस कार्यक्रम में पुलिसकर्मी तैनात थे।
दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद प्रवेश वर्मा ने रविवार को यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि उत्तरपूर्वी दिल्ली में 19 वर्षीय हिंदू युवक की हत्या के विरोध में एक खास समुदाय का पूरी तरह बहिष्कार करना चाहिए।
हालांकि वर्मा ने कहा कि उन्होंने अपने संबोधन में किसी खास समुदाय का नाम नहीं लिया था।
शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आर. सत्यसुंदरम ने कहा, ‘‘पुलिस से अनुमति न लेने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा) के तहत आयोजकों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गयी है।’’
कार्यक्रम का आयोजन विहिप समेत कई दक्षिणपंथी संगठनों ने किया था।
विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि यह हास्यास्पद है कि पुलिस कह रही है कि कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं ली गई थी, क्योंकि कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों सहित हजारों लोग मौजूद थे।
बंसल ने दावा किया, ‘‘अनुमति की तो छोड़िए, हमने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सुझाव और सिफारिश के बाद दिलशाद गार्डन में रामलीला मैदान को आयोजन स्थल के लिए तय किया था। हमारी पहले मनीष के घर के पास बैठक करने की योजना थी लेकिन पुलिस के अनुरोध पर स्थान बदलकर इसे रामलीला मैदान कर दिया गया।’’
कार्यक्रम के एक कथित वीडियो में वर्मा को यह कहते सुना जा सकता है, ‘‘जहां कहीं भी वे आपसे मिलें तो उन्हें सीधा करने का एक ही तरीका है - पूर्ण बहिष्कार। क्या आप मुझसे सहमत हैं?’’
भाजपा सांसद ने पीटीआई- से कहा, “ मैंने किसी समुदाय का नाम नहीं लिया। मैंने सिर्फ इतना कहा कि हिंदुओं की हत्या में शामिल लोगों का बहिष्कार किया जाना चाहिए।"
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