देश की खबरें | भूजल दूषित करने पर औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ हरियाणा सरकार की कार्रवाई अपर्याप्त :एनजीटी
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नयी दिल्ली, 24 जुलाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने शुक्रवार को कहा कि औद्योगिक इकाइयों द्वारा कानूनों का उल्लंघन कर भूजल को कथित तौर पर दूषित किए जाने को लेकर हरियाणा सरकार द्वारा की गयी कार्रवाई पूरी तरह से अपर्याप्त है।
हरित निकाय ने कहा कि प्रभाव का आकलन किए बिना उद्योगों द्वारा भूजल की इतनी निकासी को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
अधिकरण हरियाणा निवासी रमेश चंद द्वारा दायर एक याचिका की सुनवाई कर रहा था। यह याचिका औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदूषण से हरियाणा के पानीपत जिले के खांदरा गाँव में भूजल के दूषित होने के संदर्भ में है।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि भूमिगत जल के नमूनों के विश्लेषण से पता लगता है कि कुछ मानक स्वीकार्य सीमा से अधिक थे।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) द्वारा दायर रिपोर्ट के अनुसार नियमों का पालन नहीं करने वाली दो इकाइयों को बंद कर दिया गया है और और अभियोजन की प्रक्रिया चल रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मुआवजे का आकलन किया गया है और लॉकडाउन के बाद तीन इकाइयों ने अपना परिचालन शुरू नहीं किया है।
एनजीटी ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार औद्योगिक इकाइयों द्वारा बड़े पैमाने पर कानून का उल्लंघन किया गया है और इस संबंध में अब तक की गयी कार्रवाई पूरी तरह से अपर्याप्त है।
मामले में अगली सुनवाई अगले साल पांच जनवरी को होगी।
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