चंडीगढ़, 18 अक्टूबर हरियाणा मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को राज्य अनुसूचित जाति आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों को मंजूरी दे दी।
यह कदम उच्चतम न्यायालय के उस फैसले के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि राज्यों को आरक्षण देने के लिए अनुसूचित जातियों के भीतर उप-वर्गीकरण करने का संवैधानिक अधिकार है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों को मंजूरी दी गई।
शुक्रवार को अपनी पहली कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सैनी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले को लागू करने का निर्णय लिया गया है।
सैनी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारी कैबिनेट ने पहली बैठक में ही आज से ही इस निर्णय को लागू करने का फैसला किया है।’’
बयान में कहा गया है, ‘‘जबकि अन्य अनुसूचित जातियों का राज्य की सरकारी सेवाओं में राज्य में अनुसूचित जाति वर्ग में उनकी जनसंख्या के अनुपात की तुलना में पर्याप्त से अधिक प्रतिनिधित्व है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY