नयी दिल्ली, 16 मार्च केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने मंगलवार को राज्यसभा में राष्ट्रीय सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख वृत्ति आयोग, विधेयक 2020 पेश किया और कहा कि यह विधेयक सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख करने वाले पेशेवरों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
विधेयक को पेश करते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि इस विधेयक को संबंधित संसदीय समिति की मंजूरी मिल चुकी है और इसे 15 सितंबर 2020 को इस सदन में पेश किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मील का पत्थर साबित होने वाली पहल है। इसमें लोगों व स्वास्थ्य संबंधी पेशेवरों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के मामले में भविष्य बदलने की क्षमता है।’’
उन्होंने कहा कि चिकित्सकों, नर्सों, दंत चिकित्सकों और फार्मेसिस्ट पर निगरानी के लिए संबंधित नियामक संस्थाएं हैं लेकिन सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख पेशेवरों के लिए अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों की शिक्षा और पेशे को कई देशों ने वैधानिक बनाया है।
उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान ऐसे लोगों की भूमिका का उल्लेख किया और कहा कि ऐसे लोगों की शिक्षा और सेवाओं को उन्नत बनाने के लिए इस कानून की आवश्यकता है।
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