नयी दिल्ली, पांच सितंबर जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए नेताओं और प्रतिनिधियों को चंबा रुमाल से लेकर मधुबनी पेंटिंग, कोल्हापुरी चप्पल तक प्रसिद्ध भारतीय हस्तशिल्प वस्तुओं को खरीदने का मौका मिलेगा।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि 8-10 सितंबर तक भारत मंडपम में आयोजित होने वाली शिल्प बाजार प्रदर्शनी में भारतीय हस्तशिल्प वस्तुओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के जी20 सचिवालय के विशेष सचिव (जी20 संचालन) मुक्तेश के. परदेशी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि इस प्रदर्शनी-सह-बिक्री के माध्यम से, ‘‘हम प्रत्येक उत्पाद की बाजार क्षमता को बढ़ा रहे हैं, जिसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) द्वारा प्रदर्शित किया जाएगा।’’
शिल्प बाज़ार को जी-20 शिखर सम्मेलन के मौके पर स्थापित किया गया है और यह पूरे भारत से सर्वश्रेष्ठ हस्तशिल्प वस्तुओं को एक छत के नीचे लाएगा, साथ ही कारीगरों के उत्कृष्ट कौशल और शिल्प कौशल का प्रदर्शन भी करेगा।
परदेशी ने कहा कि विशेष ध्यान ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) योजना के तहत आने वाले उत्पादों पर है।
उन्होंने कहा कि कहा, ‘‘कारीगर राजस्थान से लाख की चूड़ियां और बिहार से मधुबनी पेंटिंग और तमिलनाडु से तंजावुर पेंटिंग जैसे कुछ उत्पादों का ‘लाइव’ प्रदर्शन करेंगे।’’ उन्होंने कहा कि जीआई (भौगोलिक संकेत) उत्पादों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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