ग्वालियर (मध्य प्रदेश), 25 सितंबर मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोमवार को गुर्जर सम्मेलन में भाग लेने आई भीड़ के कुछ वाहनों में आग लगाने और पथराव करने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने कहा कि आयोजकों को फूल बाग में एक सार्वजनिक बैठक आयोजित करने की अनुमति दी गई थी और उन्हें मांगों का एक ज्ञापन सौंपना था, लेकिन कुछ हंगामे के कारण पथराव हुआ और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने कहा कि एक सार्वजनिक बैठक की अनुमति दी गई थी लेकिन कुछ लोगों ने फूल बाग चौराहे पर सड़क अवरूद्ध कर दिया।
मीणा ने कहा, ‘‘उन्हें इसे खत्म करने के लिए मनाया गया। बाद में, कुछ लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट पर हंगामा शुरू कर दिया और जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो इन लोगों ने वाहनों पर पथराव करना शुरू कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।’’
इससे पहले, गुर्जर समाज के पदाधिकारी और कार्यक्रम के आयोजकों में से एक, जसवंत सिंह ने दावा किया कि उनके समुदाय पर लंबे समय से अत्याचार हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘गुर्जर राजा मिहिर भोज की प्रतिमा टिनशेड से ढकी हुई है, जिसे हटाया जाना चाहिए। राजनीतिक दलों को आबादी के अनुसार समुदाय से उम्मीदवार खड़ा करना चाहिए।’’
उन्होंने सेना में गुर्जर रेजिमेंट के गठन और मुरैना में समुदाय के युवाओं की कथित फर्जी मुठभेड़ की जांच की भी मांग की।
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