अहमदाबाद, 24 अगस्त गुजरात सरकार के राज्य वन्यजीव बोर्ड (एसबीडब्ल्यूएल) ने एशियाई शेरों के आखिरी पर्यावास गिर समेत करीब आधा दर्जन वन्यजीव अभयारण्यों में भूमिगत पाइपलाइन बिछाने और सड़कें चौड़ी करने जैसी कई परियोजनाओं को बृहस्पतिवार को मंजूरी दी।
एक विज्ञप्ति के अनुसार गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में एक बैठक में एसबीडब्ल्यूएल ने गिर, जंबूघोडा, पूरना, जेस्सोर और नारायण सरोवर वन्यजीव अभयारण्यों में वर्तमान सड़कों तथा नालों पर बने पुलों की मरम्मत एवं उन्हें चौड़ा करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री इस बोर्ड के अध्यक्ष हैं।
गिर वन्यजीव अभयारण्य में करीब 670 शेर हैं । सन 2020 में शेरों की पिछली गणना की गयी थी।
विज्ञप्ति में बताया गया है कि अपनी इस 22 वीं बैठक में बोर्ड ने कुछ वन्यजीव अभयारण्यों के अंदर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की भूमिगत पाइपलाइन बिछाने, बिजली की लाइनों के साथ 66 केवी विद्युत उपकेंद्र लगाने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।
विज्ञप्ति के मुताबिक इस बैठक में बलराम-अंबाजी वन्यजीव अभयारण्य के पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र के मध्य से नयी ब्रॉडगेज रेल लाइन के निर्माण का प्रस्ताव को बोर्ड की राय जानने के लिए पेश किया गया।
विज्ञप्ति के अनुसार केंद्र के दिशानिर्देशों के मुताबिक संबंधित प्रस्तावों को एसबीडब्ल्यूएल की सिफारिश के साथ मंजूरी के लिए अब राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के पास भेजा जाएगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य वन विभाग को वन्यजीव अभयारण्यों के अंदर रेलमार्ग, पाइपलाइन या ऑप्टिकल फाइबर बिछाने जैसी सभी बड़ी परियोजनाओं के लिए पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन करने का निर्देश दिया।
विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि उन संरक्षित अभयारण्यों में भी पर्यावरण पर ऐसी परियोजनाओं का प्रभाव जाने के लिए अध्ययन किया जाए जो बंजर हैं।
गुजरात के वन मंत्री मुलुभाई बेरा, राज्य मंत्री मुकेश पटेल, मुख्य सचिव राज कुमार और बोर्ड के सदस्यों ने बैठक में हिस्सा लिया।
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