गुजरात के अस्पताल डब्ल्यूएचओ के ‘सॉलिडेटरी’ क्लीनिकल ट्रायल में लेंगे हिस्सा
प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) जयंती रवि ने पत्रकारों को बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में ये ट्रायल किए जाएंगे। इनमें चार दवाओं की प्रभावशीलता और कोरोना वायरस मरीजों की मानक देखभाल की तुलना की जाएगी।
अहमदाबाद, पांच मई गुजरात के चार शहरों के अस्पताल कोविड-19 का प्रभावी इलाज ढूंढने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के ‘सॉलिडेटरी’ अंतरराष्ट्रीय क्लीनिकल ट्रायल में हिस्सा लेंगे।
प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) जयंती रवि ने पत्रकारों को बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में ये ट्रायल किए जाएंगे। इनमें चार दवाओं की प्रभावशीलता और कोरोना वायरस मरीजों की मानक देखभाल की तुलना की जाएगी।
उन्होंने बताया कि ये चार दवाइयां रेमेडिसविर, लाम्पिनावीर, हाइड्रोऑक्सीक्लोरोक्वीन या क्लोरोक्वीन और इंटरफेरॉन है।
उन्होंने बताया कि जहां तक मरीजों के आकलन की बात है, उसमें उनके स्वास्थ्य में सुधार, मृत्यु दर, वेंटिलेटर की जरूरत और दवाइयों के गंभीर प्रभावों पर गौर किया जाएगा।
अधिकारी ने बताया कि अहमदाबाद के बी.जे. मेडिकल कॉलेज और सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल , वडोदरा के गुजरात मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सोसायटी (जीएमईआरएस) मेडिकल कॉलेज, सूरत के न्यू सिविल हॉस्पिटल और राजकोट के पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल कॉलेज में ये ट्रायल किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि करीब 100 देश इस क्लीनिकल ट्रायल में हिस्सा ले रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कोविड-19 के खिलाफ उनके सापेक्ष प्रभाव का आकलन करने के लिए परीक्षण के तहत चार तरह के इलाजों की तुलना की जाएगी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2020 11:19 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

