अहमदाबाद, 12 जून गुजरात आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने सोमवार को श्रीनगर से एक व्यक्ति को इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रोविंस (आईएसकेपी) मॉड्यूल के साथ कथित संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया। इसी के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या पांच हो गई है जिनमें एक महिला भी शामिल है।
एटीएस ने एक विज्ञप्ति में कहा कि श्रीनगर निवासी जुबैर अहमद मुंशी को गिरफ्तार किया गया है और उसे ट्रांजिट रिमांड पर अहमदाबाद लाया जा रहा है।
नौ जून को, एटीएस ने एक आईएसकेपी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित इस आतंकवादी समूह के साथ कथित रूप जुड़े होने के लिए तीन पुरुषों और सूरत की एक महिला को गिरफ्तार किया था।
एटीएस ने कहा था कि जिन तीन पुरुषों को नौ जून को पोरबंदर से गिरफ्तार किया गया था, वे भी श्रीनगर के रहने वाले हैं, जबकि महिला सूरत की रहने वाली है। चारों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि एटीएस ने आरोपी व्यक्तियों के ‘क्लाउड स्टोरेज खाते’ तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की जहां से उसे एक वीडियो मिला। विज्ञप्ति के मुताबिक, वीडियो में वे धारदार हथियार दिखाते हुए आईएसकेपी के प्रति निष्ठा की शपथ ले रहे हैं।
अबू हमजा के निर्देश के मुताबिक, तीन व्यक्ति- उबेद नासिर मीर, हनान हयात शोल और मोहम्मद हाजिम शाह- नावों पर मछुआरों के रूप में काम करने के लिए पोरबंदर पहुंचे थे।
एटीएस ने कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा को पार करने और ईरान के रास्ते अफगानिस्तान पहुंचने और आईएसकेपी में शामिल होने की योजना बनाई थी।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि उनके आकाओं की योजना अफगानिस्तान में उनकी 'कुर्बानी' के बाद उनके पहले से रिकॉर्ड किए गए वीडियो और तस्वीरों को जारी करने की थी।
उसमें कहा गया है कि सूरत के सैय्यदपुरा इलाके में महिला के घर की तलाशी के दौरान, एटीएस को कट्टरता को बढ़ावा देने वाली सामग्री मिलीं है, जिसमें आईएसकेपी का मुखपत्र "वॉयस ऑफ खोरासन" भी शामिल है। विज्ञप्ति के मुताबिक, महिला ने यह बात स्वीकार की है कि वह अबू हमज़ा से संपर्क में थी और मुंशी के भी "करीब" थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY