नयी दिल्ली, 27 मई गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने अपने हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 100 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा पैदा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
नीति आयोग की संचालन परिषद की आठवीं बैठक में पटेल ने कहा कि गुजरात नवीकरणीय ऊर्जा के साथ हरित विकास करने के लिए कटिबद्ध है।
उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 20 गीगावाट तक पहुंच गई है। यह भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का 15 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप गुजरात ने अपने हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत 100 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।’’
पटेल ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों पर आधारित शहरों के विकास पर अधिक ध्यान देने की प्रधानमंत्री की संकल्पना के अनुसार राज्य में गिफ्ट सिटी, धोलेरा और ड्रीम सिटी जैसे हरित क्षेत्र आधारित आर्थिक शहर विकसित किए जा रहे हैं।
इस मौके पर भारत के लॉजिस्टिक (आपूर्ति शृंखला) क्षेत्र में उपयुक्त निवेश का आह्वान करते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि उच्च लॉजिस्टिक लागत से भारत का विकास प्रभावित हो रहा है और वैश्वित स्तर पर उसके उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता पर असर पड़ रहा है।
रेड्डी ने कहा कि जहां अमेरिका में लॉजिस्टिक क्षेत्र जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) का 7.5 प्रतिशत है, वहीं भारत में यह 14 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पिछले नौ वर्षों में इस क्षेत्र में निवेश देखने को मिला है, उसी तरह यह आगे भी जारी रहना चाहिए, ताकि देश की तीव्र आर्थिक प्रगति सुनिश्चित हो सके।
बैठक में पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के वास्ते इस केंद्र-शासित प्रदेश में आईटी पार्क की स्थापना करेगी।
उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण और राष्ट्रीय रणनीतियों को ध्यान में रखकर पुडुचेरी ने इस केंद्र-शासित प्रदेश के जीएसडीपी को 2047 तक पांच करोड़ डॉलर तक बढ़ाने का दृष्टिपत्र तैयार किया है।
बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद सिंह सुक्खू ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह पेंशन निधि नियामकीय एवं विकास प्राधिकरण को राज्य सरकार द्वारा नयी पेंशन योजना में जमा कराई गई 9,242.60 करोड़ रुपये की धनराशि लौटाने का निर्देश दे।
हिमाचल सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सुक्खू ने केंद्र से राज्य में अगले तीन वर्षों के लिए बाहरी सहायता प्राप्त करने की सीमा हटाने और आर्थिक मामलों से जुड़े विभाग को सौंपे गए प्रस्तावों को त्वरित मंजूरी देने की अपील भी की।
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