देश की खबरें | सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स जैसी गतिविधियों को लेकर जारी दिशा-निर्देश 30 नवंबर तक लागू रहेंगे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र ने मंगलवार को कहा कि सीटों की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ सिनेमा हॉल, थियेटर और मल्टीप्लेक्स को खोलने जैसी विभिन्न गतिविधियों को अनुमति देने के बारे में मौजूदा दिशा-निर्देश निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर वाले इलाकों में 30 नवंबर तक लागू रहेंगे।
नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर केंद्र ने मंगलवार को कहा कि सीटों की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ सिनेमा हॉल, थियेटर और मल्टीप्लेक्स को खोलने जैसी विभिन्न गतिविधियों को अनुमति देने के बारे में मौजूदा दिशा-निर्देश निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर वाले इलाकों में 30 नवंबर तक लागू रहेंगे।
इससे पहले इन गतिविधियों को शुरू करने के लिए 30 सितंबर को जारी दिशा-निर्देशों को 31 अक्टूबर तक के लिए लागू किया गया था।
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गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि गृह मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक आदेश में इनकी अवधि 30 नवंबर तक बढ़ा दी है ।
दिशा-निर्देश में कहा गया है कि केंद्र की मंजूरी को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर पांबदी रहेगी जबकि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को चरणबद्ध तरीके से स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को खोलने पर फैसला करने की अनुमति प्रदान की गयी है।
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दिशा-निर्देश के मुताबिक स्थिति के आकलन और कुछ शर्तों के साथ, संबंधित स्कूलों और संस्थानों के प्रबंधन के साथ विचार-विमर्श कर इस बारे में फैसला किया जाए।
निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर वाले इलाके में सीटों की 50 प्रतिशत क्षमता के साथ सिनेमा, थिएटर और मल्टीप्लेक्स, व्यापार प्रदर्शनी, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क और इसी तरह के स्थानों पर गतिविधियों की अनुमति दी गयी है।
विभिन्न मंत्रालयों और विभागों ने इन गतिविधियों को शुरू करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।
चुनावी राज्य बिहार और उपचुनाव वाले निर्वाचन क्षेत्रों में राजनीतिक जमावड़े में बंद जगहों या हॉल में अधिकतम 200 लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति होगी।
राजनीतिक सभा निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर ही हो सकती है। इस अवधि में निषिद्ध क्षेत्रों में लॉकडाउन कड़ाई से लागू रहेगा।
कोरोना वायरस के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 मार्च से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू करने की घोषणा की थी और इसे 31 मई तक विस्तारित किया गया।
देश में ‘अनलॉक’ प्रक्रिया एक जून से शुरू हुई जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से वाणिज्यिक, सामाजिक, धार्मिक और अन्य गतिविधियों की इजाजत दी गयी।
बयान में कहा गया कि अधिकतर गतिविधियों को मंजूरी दी जा चुकी है जबकि बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने से जुड़ी कुछ गतिविधियों को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गयी और एसओपी का पालन करने को कहा गया है।
इन गतिविधियों में मेट्रो रेल, शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्तरां और आतिथ्य सेवाएं, धार्मिक स्थल, योग और प्रशिक्षण संस्थान, जिम, सिनेमा हॉल, मनोरंजन पार्क आदि शामिल हैं।
गृह मंत्रालय ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से खोले जाने और गतिविधियों की बहाली से आशय आगे बढ़ने से है। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि महामारी खत्म हो गयी है और रोजाना की दिनचर्या में कोविड-19 के संबंध में उचित व्यवहार का पालन करने के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है।
बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने आठ अक्टूबर को कोविड-19 के बारे में सही तौर तरीके अपनाने के लिए ‘जन आंदोलन’ शुरू करते हुए तीन मंत्रों का पालन करने को कहा-सही से मास्क लगाएं, लगातार हाथ धोते रहें और छह फुट की दूरी बनाए रखें।
गृह मंत्रालय ने कहा कि जिन स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं हो रही है और कुछ छात्र ऑनलाइन कक्षाओं को तरजीह दे रहे हैं तो उन्हें इसे जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है। छात्र अभिभावकों की लिखित सहमति के साथ ही स्कूलों और संस्थानों में उपस्थित हो सकते हैं।
शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्चतर शिक्षा विभाग स्थिति के आकलन के आधार पर गृह मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श कर कॉलेजों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों को खोले जाने के समय के बारे में फैसला कर सकते हैं।
पठन-पाठन के लिए ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा के माध्यम को तरजीह दी जाएगी और इन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।
हालांकि उन उच्च शैक्षणिक संस्थानों को केवल विज्ञान और प्रौद्योगिकी विषय वाले स्नातकोत्तर छात्रों और शोधार्थी (पीएचडी) के लिए कुछ शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दी जाएगी जहां प्रयोगशाला और प्रयोग का काम होगा।
गृह मंत्रालय ने एक बार फिर कहा है कि राज्य केंद्र सरकार से पूर्व में विचार विमर्श किए बिना निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर किसी भी प्रकार का स्थानीय लॉकडाउन नहीं लगा सकेंगे। राज्यों के भीतर या एक राज्य से दूसरे राज्य जाने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।
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