देश की खबरें | भाजपा के केंद्रीय नेताओं से मिलने को दिल्ली रवाना हुआ पार्टी विधायकों का समूह

इंफाल, 18 अप्रैल मणिपुर में मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह सरकार में असंतोष पनपने की अटकलें तब तेज हो गईं जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों का एक समूह पार्टी के केंद्रीय नेताओं से मिलने के लिए दिल्ली रवाना हुआ। साथ ही पार्टी के एक प्रमुख नेता ने सोशल मीडिया पोस्ट किया जिसमें उन्होंने परोक्ष रूप से यह कहा कि कि शिकायत करना या किसी विवाद के बारे में पार्टी के उच्च पदाधिकारी को अवगत करना अनुशासनहीनता नहीं है।

पार्टी पदाधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है कि मणिपुर घाटी के कम से कम चार भाजपा विधायक केंद्रीय नेताओं से मिलने के लिए दिल्ली में हैं।

दिल्ली में डेरा डाले हुए मणिपुर घाटी के चार भाजपा विधायकों में से एक उरीपोक विधायक ख्वाइरकपम रघुमणि ने फेसबुक साइट 'रघुमणी फॉर उरीपोक' पर एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें विधायक समूह पूर्वोत्तर के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री बी एल वर्मा के साथ बैठक करते दिख रहे हैं।

पोस्ट में कहा गया है, ‘‘उन्होंने (थोकचोम राधेश्याम सिंह, करम श्याम, पौनम ब्रोजेन और रघुमणि) सीमा और विकास, मणिपुर के मुद्दों पर चर्चा की।’’

इस बीच, नये घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भाजपा के एक अन्य विधायक, आर के इमो सिंह ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर कहा कि ‘‘हम सभी उस राजनीतिक दल की एक विशेष विचारधारा / संविधान से बंधे हैं, जिससे हम संबंधित हैं। विधायकों के रूप में, हमारा कर्तव्य है कि हम उस सरकार/पार्टी के कार्यक्रमों और निर्णय के अनुसार काम करें। कोई भी सरकार/पार्टी/मंत्री के नेता के खिलाफ शिकायत कर सकता है और मुद्दे को उपयुक्त प्राधिकारी के पास ले जा सकता है, लेकिन उस मुद्दे को मीडिया के सामने नहीं ले जा सकता क्योंकि इससे शिकायतकर्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।’’

राष्ट्रीय नेताओं से मिलने के लिए दिल्ली का दौरा ऐसे दिन सामने आया जब एक दिन पहले लंगथबल निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा विधायक करम श्याम ने यह शिकायत करते हुए पर्यटन निगम मणिपुर लिमिटेड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था कि उन्हें "कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है।’’

इससे पहले, 8 अप्रैल को, हिरोक निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा विधायक थोकचोम राधेश्याम ने इसी तरह की शिकायत का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के सलाहकार के पद से इस्तीफा दे दिया था।

माना जा रहा है कि घाटी के विधायकों के अलावा, कुकी जनजाति के कई भाजपा विधायक भी राष्ट्रीय राजधानी में डेरा डाले हुए हैं।

पार्टी के एक अन्य सूत्र ने पीटीआई- से कहा, ‘‘दौरा आधिकारिक नहीं है...लेकिन हमारा मानना है कि वे भी अपनी शिकायतें व्यक्त करने के लिए कुछ नेताओं से मिलने गए थे।’’

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