छत्रपति संभाजीनगर, 24 मई महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के 76 तहसीलों में से 51 तहसील में भूजल स्तर तीन मीटर से नीचे चला गया। एक आधिकारिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि नांदेड़ जिले में स्थिति कुछ बेहतर है, जहां पिछले साल अन्य सात जिलों की तुलना में अच्छी बारिश हुई थी।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बृहस्पतिवार को एक बैठक कर मध्य महाराष्ट्र क्षेत्र में सूखे की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री को सौंपी गई आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 18 तालुकों (तहसीलों) में भूजल स्तर एक मीटर से नीचे, 15 तालुकों में एक से दो मीटर, 14 तालुकों में दो से तीन मीटर और चार तालुकों में तीन मीटर से अधिक नीचे चला गया है।
बीड और लातूर जिलों में समस्या अधिक गंभीर है, जहां दस-दस तालुकों में भूजल स्तर में कमी दर्ज की गई है। छत्रपति संभाजीनगर में नौ तालुकों में भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है।
धाराशिव जिले के आठ तालुकों में भी यही स्थिति देखी गई है।
नांदेड़ में 16 में से केवल एक तालुका में भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है।
मराठवाड़ा में छत्रपति संभाजीनगर, जालना, बीड, लातूर, धाराशिव, नांदेड़, परभणी और नांदेड़ जिले शामिल हैं।
सूखे की आशंका वाले क्षेत्र में पिछले मानसून में 589.9 मिमी बारिश हुई, जो 751 मिमी की औसत वार्षिक बारिश से 21.44 प्रतिशत कम है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 1,249 गांव और 512 बस्तियां पानी की आपूर्ति के लिए टैंकरों पर निर्भर हैं।
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