देश की खबरें | गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मेघालय तबादला

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मंगलवार को मेघालय तबादला कर दिया गया है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 18 अगस्त गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मंगलवार को मेघालय तबादला कर दिया गया है।

मलिक वहां तथागत राय की जगह लेंगे, जिनका पांच साल का कार्यकाल पूरा हो गया है।

यह भी पढ़े | Facebook Row: फेसबुक को लेकर जारी बयानबाजी में कूदे केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने याद दिलाया सोनिया-राहुल गांधी का बयान.

राष्ट्रपति भवन ने एक बयान में कहा कि गोवा के राज्यपाल मलिक का तबादला कर उन्हें मेघालय का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

बयान के अनुसार, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को गोवा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

यह भी पढ़े | Congress Writes to Mark Zuckerberg: कांग्रेस ने फेसबुक के CEO मार्क जुकरबर्ग को लिखा पत्र, हाई लेवल जांच की मांग की.

तथागत राय ने अपने पांच साल के कार्यकाल में तीन साल त्रिपुरा के राज्यपाल के तौर पर और बाकी दो साल मेघालय के राज्यपाल के तौर पर सेवाएं दी।

राज्यपाल का कोई निश्चित कार्यकाल नहीं होता लेकिन पारम्परिक रूप से इसे पांच साल माना जाता है। ऐसे कई उदाहरण भी हैं, जब राज्यपाल लंबे समय तक पद पर काबिज रहे। ई़ सी. एल. नरसिंहन छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और फिर तेलंगाना के लगातार 12 साल तक राज्यपाल रहे थे।

सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के बाद कश्मीरी सामान पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान करने वाले सेवानिवृत्त सेना अधिकारी के ट्वीट का समर्थन करने के बाद राव पिछले साल चर्चा में आ गए थे। इस हमले में 40 सुरक्षा कर्मी मारे गए थे।

मलिक को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त करने की खबर के बाद राय ने ट्वीट किया, ‘‘ राष्ट्रपति भवन से खबर मिलने के बाद नए राज्यपाल सत्यपाल मलिक से बात की और उनका शिलांग में स्वागत किया। उन्हें यहां आने में अभी थोड़ा समय लग सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे 20 मई को यह पद छोड़ना था। ’’

राय को अगस्त 2018 में मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया था और अभी तक इस पद पर काबिज हैं। केवल दिसम्बर 2019 से जनवरी 2020 के बीच वह छुट्टी पर थे।

वहीं मलिक (73) पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर के आखिरी राज्यपाल थे। केन्द्र सरकार ने पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान खत्म कर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केन्द्र शासित प्रदेश बनाने की घोषणा कर दी थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\