नयी दिल्ली, 16 अप्रैल वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि कोरोना वायरस संकट से प्रभावित लोगों को वित्तीय सहायता किसी अन्य माध्यम से नहीं बल्कि केवल प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये दी जाएगी।
सरकार की तरफ से दी जाने वाली वित्तीय सहायता को लेकर विभिन्न अफवाहों के बीच यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
वित्तीय सेवा विभाग ने ट्विटर पर लिखा है, ‘‘देश में विभिन्न योजनाओं के लिये जनधन, आधार, मोबाइल (जैम) आधारित डीबीटी व्यवस्था है। कोरोना वायरस राहत के तहत 31.77 करोड़ लाभार्थियों को 28.256 करोड़ रुपये सफलतापूर्वक डीबीटी के जरिये उनके खाते में दिये गये। लक्षित वितरण के लिये डीबीटी महत्वपूर्ण आधार है। इस संदर्भ में किसी अफवाह पर भरोसा नहीं करें।’
सरकार के गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिये 1.70 लाख करोड़ रुपये के प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की घोषणा के बाद से अफवाहें उड़ रही हैं।
इस सप्ताह सोशल मीडिया पर अफवाह थी कि जिन महिला जनधन खाताधारकों के खाते में पैसा डाले गये हैं, अगर लाभार्थी उसे नहीं निकालते हैं, उसे तुरंत उनके खाते से वापस ले लिया जाएगा।
इसके बाद बैंकों में पैसा निकालने के लिये लंबी कतारें देखने को मिली।
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