देश की खबरें | आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को 10 फीसद आरक्षण संबंधी विधेयक लाएगी सरकार

देहरादून, एक सितंबर उत्तराखंड सरकार आगामी विधानसभा सत्र में चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों तथा उनके आश्रितों को राजकीय सेवा में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने संबंधी विधेयक लाएगी । सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य आंदोलन में भाग लेने वाले चिन्हित आंदोलनकारियों तथा उनके आश्रितों को राजकीय सेवा में (10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण एक बार) आरक्षण विधेयक-2023 राज्य विधानसभा में रखे जाने को अपनी मंजूरी दे दी ।

इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने नैनीताल जिले में आम्रपाली विश्वविद्यालय की स्थापना संबंधी विधेयक को भी विधानसभा में रखे जाने को स्वीकृति दे दी । इसी सत्र में राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 2023 तथा उत्तराखण्ड निजी विश्वविद्यालय विधेयक 2023 को भी विधानसभा में रखे जाने को मंजूरी दे दी गयी ।

मंत्रिमंडल ने कुल 199 अधिनियमों और कानूनों को विलोपित किये जाने संबंधी विधेयक को भी विधानसभा में रखे जाने को स्वीकृति दे दी । इसमें उत्तर प्रदेश के 183 और उत्तराखंड के 16 अधिनियम और कानून शामिल हैं ।

राज्य विधानसभा का आगामी सत्र पांच सितंबर से शुरू हो रहा है।

सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में स्थापित जल विद्युत परियोजनाओं की क्षमता वृद्धि हेतु शुल्क के पुनर्निर्धारण को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। हिमाचल प्रदेश की भांति अब उत्तराखंड में भी यह शुल्क एक लाख रूपये प्रति मेगावाट होगा ।

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार के एकल पुरूष सरकारी सेवकों के लिए भी 'चाइल्ड एडाप्शन लीव' को मंजूरी दे दी। इसके तहत उन्हें अपने पूरे सेवा काल के दौरान 180 दिन की छुट्टी मिल सकेगी ।

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