देश की खबरें | फिल्म निर्माण के लिए जल्द मानक संचालन प्रक्रिया लेकर आने वाली है सरकार: जावड़ेकर

नयी दिल्ली, सात जुलाई केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर अनलॉक की प्रक्रिया के दौरान केंद्र सरकार भारत में फिल्मों की शूटिंग के लिए जल्द एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लेकर आने वाली है।

साथ ही उन्‍होंने यह भी कहा कि सरकार फिल्‍म निर्माण के साथ-साथ टेलीविजन धारावाहिक, एनिमेशन और गेमिंग को गति देने के लिए प्रोत्साहन देने की भी तैयारी कर रही है। उनके मुताबिक इन उपायों की घोषणा जल्‍द ही कर दी जाएगी।

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फिक्की की ओर से आयोजित ‘‘फिक्की फ्रेम्स 2020’’ के उद्घाटन सत्र में सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने उक्त बातें कहीं। मीडिया और मनोरंजन को भारत की सौम्‍य शक्ति यानी ‘सॉफ्ट पावर’ बताते हुए उन्होंने कहा कि आगे बढ़ने के लिए सभी हितधारकों को साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

जावड़ेकर ने कहा, ‘‘कोरोना महामारी के मद्देनजर सरकार फिल्मों की शूटिंग को लेकर एक मानक संचालन प्रक्रिया लेकर आ रही है।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘कोविड के परिणाम स्वरूप बंद हो चुके फिल्म निर्माण को पुनः शुरू करने के लिए, हम टीवी धारावाहिकों, फिल्म निर्माण, सह निर्माण, एनिमेशन, गेमिंग सहित सभी क्षेत्रों में निर्माण को प्रोत्साहन देने जा रहे हैं। हम इन उपायों के बारे में जल्द ही ऐलान करेंगे।”

जावड़ेकर ने कहा कि 80 से अधिक विदेशी फिल्म निर्माता फिल्म सुविधा कार्यालय का लाभ उठा चुके हैं। भारत में अपनी फिल्मों की शूटिंग के लिए उन्होंने एकल खिड़की सुविधा का लाभ उठाया।

उन्होंने कहा कि ‘‘फिक्की फ्रेम्स 2020’’ में होने वाली चर्चाओं से निश्चित तौर पर नए और नवप्रर्वतक विचार सामने आएंगे जिनपर आगे काम किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि ‘‘वर्चुअल’’ (आभासी) उद्घाटन को ही अब नई सामान्‍य स्थिति माना जाना चाहिए और ये वर्चुअल स्थान ही वास्तविक साझेदारियां करने के लिए नए स्थान हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में विषय वस्तु के निर्माण में कम खर्च होने का फायदा मिलता है और यहां तैयार की गई विषय वस्‍तु दुनिया भर के 150 से ज्‍यादा देशों में देखी जाती है।

आयोजन से जुड़े एक तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में सचिव अमित खरे ने कहा कि फिल्मों में सरकार की भूमिका एक सुविधा प्रदाता की होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘विभिन्न नियामक ढांचों को एक साथ लाकर कम से कम नियामक ढांचे सुनिश्चित किए जाने चाहिए ताकि प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके।’’

उन्होंने कहा कि सरकार इस बात का पूरी तरह समर्थन करती है कि मीडिया और मनोरंजन उद्योग को अवसंरचना का दर्जा दिया जाए। उन्होंने कुछ परिओं को ठीक करने की जरूरत पर भी बल दिया।

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