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देश की खबरें | राशन उठाने वाले अनधिकृत लोगों से वसूली के ‘शासनादेश’ पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार : कांग्रेस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने मुफ्त राशन योजना का लाभ उठाने वाले अनधिकृत लोगों से इसकी वसूली के लिए जारी कथित शासनादेश पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से इस पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है और कहा है कि वह सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में इस मामले को जोर—शोर से उठायेगी।

देश की खबरें | राशन उठाने वाले अनधिकृत लोगों से वसूली के ‘शासनादेश’ पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार : कांग्रेस

लखनऊ, 22 मई कांग्रेस ने मुफ्त राशन योजना का लाभ उठाने वाले अनधिकृत लोगों से इसकी वसूली के लिए जारी कथित शासनादेश पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से इस पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है और कहा है कि वह सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में इस मामले को जोर—शोर से उठायेगी।

कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया है कि चुनावी लाभ के लिए भाजपा सरकार ने मुफ्त राशन के नाम पर गरीबों से ऐसा छल किया है, जिसकी दूसरी मिसाल नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में पार्टी ज़ोर-शोर से उठाएगी। उन्होंने सरकार से इस मसले पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए कहा कि इस ‘शासनादेश’ ने भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा एक बार फिर बेपर्दा कर दिया है।

आराधना ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के सभी नेता और खुद प्रधानमंत्री ये बार बार जताने से नहीं चूकते कि कैसे उन्होंने कोरोना काल के दौरान मुफ्त राशन बांटा, लेकिन असलियत तो यह है कि लोगों को दो जून की रोटी भी चुनावों को ध्यान में रखकर दी गई थी और अब जब चुनाव खत्म हो गया है तो लोगों के पेट पर लात मारने की तैयारी भी पूरी हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि ‘शासनादेश’ में साफतौर से कहा गया है कि नए नियमों के तहत राशन कार्ड के लिए मात्र वही लोग पात्र होंगे, जिनकी खुद की कोई जमीन न हो, पक्का मकान न हो, भैस, बैल, ट्रैक्टर ट्रॉली ना हो, मोटरसाइकिल न हो, मुर्गीपालन और गौ पालन न करता हो, शासन की ओर से कोई वित्तीय सहायता न मिलती हो, बिजली का बिल न आता हो और जीविकोपार्जन के लिए कोई आजीविका का साधन न हो। उन्होंने आगे कहा कि इसका अर्थ है कि गरीबी दूर करने के बजाय मोदी सरकार में गरीब बने रहने में ही फायदा है।

उन्होंने कहा, ''शासनादेश कहता है कि ऐसे तमाम मानकों के चलते अपात्र घोषित लोगों का राशन कार्ड तुरंत निरस्त कर दिया जायेगा। अगर ये कथित अपात्र स्वयं राशन कार्ड नहीं लौटाते हैं तो इनसे कोरोना जैसी महामारी के दौरान दिए हुए राशन की वसूली और कुर्की तक की जाएगी।’’

आराधना ने कहा, ‘‘महंगाई और बेरोजगारी के चरम पर पहुंचने के बीच सरकार ने यह निर्णय लिया है कि कोई भी राशन कार्डधारक अगर अपात्र पाया जाता है तो उससे 24 रुपये प्रति किलो गेहूं और 32 रुपये प्रति किलो चावल के हिसाब से वसूली होगी। इतना ही नहीं नमक, दाल और खाने के तेल की वसूली भी बाजार दर पर होगी। यह योगी आदित्यनाथ सरकार की क्रूरता और संवेदनहीनता का जीता-जागता सबूत है।''

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पिछले दिनों एक कथित शासनादेश में कहा था कि नये नियमों के तहत राशन कार्ड के लिए ऐसे लोग पात्र होंगे जिनकी खुद की कोई जमीन न हो, पक्का मकान न हो, भैस, बैल, ट्रैक्टर ट्रॉली ना हो, मोटरसाइकिल न हो, मुर्गीपालन और गौ पालन न करता हो, शासन की ओर से कोई वित्तीय सहायता न मिलती हो, बिजली का बिल न आता हो तथा जीविकोपार्जन के लिए कोई आजीविका का साधन न हो।

हालांकि राज्य के खाद्य आयुक्त सौरव बाबू ने एक पत्र जारी कर इसे अफवाह मात्र करार देते हुए कहा कि सात अक्टूबर 2014 को जारी शासनादेश अब भी लागू है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी योजना के तहत आवंटित पक्का मकान, बिजली कनेक्शन, शस्त्र लाइसेंस धारक, मोटरसाइकिल मालिक, मुर्गी पालन/गौ पालन होने के आधार पर किसी भी कार्डधारक को अपात्र घोषित नहीं किया जा सकता। इसके अलावा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम—2013 और जारी शासनादेशों में अपात्र कार्ड धारकों से वसूली जैसी कोई व्यवस्था भी नहीं की गयी है, न ही ऐसा कोई आदेश जारी किया गया है।

आराधना ने सरकार से सवाल किया कि सरकार ने राशन कार्ड देते वक्त ये मानक क्यों नहीं तय किये और तथाकथित गलत राशन कार्ड दिए जाने पर पहली कार्यवाही अधिकारियों के खिलाफ़ क्यों नहीं की जा रही है, जिन्होंने अपात्र लोगों को राशन कार्ड दिया। उन्होंने सवाल किया कि अगर अपात्रों वाली बात सच भी है तो चुनाव के पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

उन्होंने कहा कि चुनाव के पहले जो लोग मुफ्त राशन वाले लाभार्थियों की संख्या बताने से नहीं चूकते थे, अनाज के झोलों पर अपनी तस्वीरें छपवा कर लोगों को लुभाते थे और भारत की जनता पर अहसान लादने का एक भी मौका नहीं छोड़ते थे, चुनाव खत्म होते ही आज करोड़ों लोगों के मुंह से निवाला छीनने पर क्यों आमादा हो गए हैं? क्या लोगों का पेट सिर्फ मतों के लिए भरा जा रहा था और अब जब चुनाव ख़त्म हो गए तो गरीबों को भूखा मरने के लिए छोड़ दिया जायेगा?

कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता ने कहा कि सरकार के इस संवेदनहीन रवैये के खिलाफ कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 22, 2022 09:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).