नयी दिल्ली, 29 अप्रैल केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि देशभर में लागू लॉकडाउन (बंद) के कारण कोविड-19 को काबू करने में ‘‘काफी सफलता’’ मिली है, इसलिए चार मई से कई जिलों में ‘‘पर्याप्त ढील’’ दी जाएगी।
इससे पहले, राष्ट्रव्यापी बंद के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए लाखों प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों को बुधवार को कुछ शर्तों के साथ उनके गंतव्यों तक जाने की अनुमति दे दी गयी, जिससे एक बड़े वर्ग को राहत मिल सकती है।
इस बीच, राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार देश भर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 32,000 से अधिक हो गई है और कम से कम 1,064 लोगों की मौत हो गई है।
केंद्र ने बुधवार को यह स्पष्ट संकेत दिए कि देशभर में जारी बंद की अवधि को तीन मई से भी आगे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसे ‘‘कई जिलों’’ में सेवाओं और लोगों को ‘‘पर्याप्त ढील’’ दी जाएगी।
गृह मंत्रालय ने कहा कि तीन मई तक सख्ती से बंद लागू करने की आवश्यकता थी, ताकि संक्रमण काबू करने की दिशा में जो प्रगति हुई है, उन पर पानी न फिर जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सबसे पहले 24 मार्च को बंद लागू किए जाने की घोषणा की थी, जिसे बाद में तीन मई तक के लिए बढ़ा दिया गया।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ट्वीट किया कि उसने देश में बंद की स्थिति पर एक बृहद समीक्षा बैठक की और पाया कि बंद के कारण अभी तक कोविड-19 संबंधी स्थिति में काफी सफलता मिली है और सुधार हुआ है।
गृह मंत्रालय की प्रवक्ता ने ट्वीट किया, ‘‘कोविड-19 को काबू करने संबंधी नए दिशा-निर्देश चार मई को लागू होंगे, जिसमें कई जिलों को पर्याप्त ढील दी जाएगी। आगामी दिनों में इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।’’
पंजाब ने बंद को तीन मई के बाद दो सप्ताह बढ़ाने की घोषणा की है। हालांकि निषिद्ध क्षेत्र और रेड जोन में नहीं आने वाले इलाकों के लिए कुछ छूट भी होगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा है कि निषिद्ध क्षेत्रों में पूर्ण लॉकडाउन जारी रहेगा ।
पश्चिम बंगाल में, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि विशेषज्ञों और डॉक्टरों का मानना है कि कोविड-19 का प्रसार रोकने के लक्ष्य से लागू पाबंदियां राज्य में मई के अंत तक लागू रहनी चाहिए। उन्होंने कुछ छूट की भी घोषणा की है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव भी अपने राज्य में बिना किसी छूट के सात मई तक लॉकडाउन को बढ़ाने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं ।
सोमवार को मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कहा था कि महामारी से निपटने के साथ ही अर्थव्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत है ।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बुधवार को 1,008 हो गई है जबकि संक्रमित मामलों की तादाद बढ़कर 31,787 पर पहुंच गई। पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण से 71 लोगों की मौत हुयी है जबकि मरीजों की संख्या में 1,813 का इजाफा हुआ है।
हालांकि विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों संबंधी ‘पीटीआई’ की रात्रि नौ बजे तक की गणना के अनुसार देश में 32,657 लोग वायरस से संक्रमित हैं और 1,064 लोगों की मौत हो चुकी है।
केंद्र के दिशा-निर्देशों के बाद कुछ राज्यों ने भी गैर निषिद्ध क्षेत्रों में दुकानों को खोलने की अनुमति दी है जबकि कुछ राज्य सरकारें प्रवासी मजदूरों को उनके गृह नगर तक जाने देने के लिए कदम उठाने की मांग कर रही हैं । उत्तरप्रदेश जैसे कुछ राज्यों ने प्रवासी मजदूरों और छात्रों को लाने के लिए कदम उठाए हैं ।
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने एक आदेश में कहा कि ऐसे फंसे हुए लोगों के समूहों को ले जाने के लिए बसों का इस्तेमाल किया जाएगा और इन वाहनों को सैनेटाइज किया जाएगा तथा सीटों पर बैठते समय सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना होगा।
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