जरुरी जानकारी | प्रवासी मजदूरों के लिए किराये के 50 हजार घर बनाने को सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों को कहा गया

नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर पेट्रोलियम मंत्रालय ने इंडियन ऑयल कॉर्प (आईओसी) जैसी अन्य सार्वजनिक पेट्रोलियम कंपनियों को प्रवासी मजदूरों को किराये पर देने के लिये 50 हजार घर बनाने को कहा है।

कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये लगाये गये लॉकडाउन के मद्देनजर लाखों मजदूरों के शहरों से गांवों की ओर पलायन करने के बाद सरकार की किफायती किराये के आवास विकसित करने की योजना है।

यह भी पढ़े | सभी PF धारकों को दिवाली पर मिल सकती है बड़ी खुशखबरी, 8.5% ब्याज की पहली किस्त मिलने की उम्मीद.

इस विषय पर हुई एक बैठक में शामिल तीन अधिकारियों के अनुसार, मंत्रालय चाहता है कि आईओसी और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (एचपीसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (बीपीसीएल), गेल इंडिया लिमिटेड और ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्प (ओएनजीसी) जैसे उसके नियंत्रण वाले सार्वजनिक उपक्रम अपने-अपने पास उपलब्ध भूखंडों पर घरों का निर्माण करें।

उन्होंने कहा कि बैठक की अध्यक्षता तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की, जिन्होंने सार्वजनिक उपक्रमों को जल्द से जल्द आवास इकाइयों के निर्माण की योजना बनाने को कहा है।

यह भी पढ़े | RTGS Facility: RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास बोले- दिसंबर से चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी फंड ट्रांसफर की आरटीजीएस प्रणाली.

मंत्रालय ने पांच अक्टूबर को बैठक के बारे में ट्वीट किया था, जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री ने किफायती आवास योजना के तहत तेल और गैस परियोजनाओं पर काम करने वाले प्रवासियों व शहरी गरीबों को किराये पर मकान देने की दिशा में सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा किये गये प्रयासों की समीक्षा करने के लिये पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक की।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)