पणजी, 11 मार्च गोवा सरकार ने मंगलवार को 20 साल लंबा 'लॉन्गिट्यूडिनल कोहोर्ट' अध्ययन शुरू किया, जो पुरानी और गैर-संचारी बीमारियों की पहले से पहचान करने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई के अधिकारियों की उपस्थिति में मंत्रालय में इस अध्ययन का शुभारंभ किया।
मीडिया से बात करते हुए सावंत ने कहा कि यह अध्ययन एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो गोवा के लोगों को बड़े पैमाने पर लाभ पहुंचाएगा।
उन्होंने बताया कि अध्ययन के तहत एक लाख से अधिक लोगों के रक्त के नमूने एकत्र किए जाएंगे और उनकी जांच से विभिन्न बीमारियों, विशेष रूप से पुरानी और गैर-संचारी बीमारियों के उभार की पहचान पहले से ही की जा सकेगी।
सावंत ने कहा, "इन बीमारियों का खतरा आंके जाने पर डॉक्टर मरीजों को रोकथाम के उपाय सुझा सकेंगे।"
उन्होंने बताया कि यह अध्ययन अगले 20 वर्षों तक चलेगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए लाभदायक साबित होगा।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि यह स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य गोवा में गैर-संचारी रोगों से निपटना है।
अधिकारी ने कहा, "इस अध्ययन के जरिये गैर-संचारी रोगों के जोखिम और उनके महामारी का रूप अख्तियार करने के खतरे का आकलन किया जाएगा, जिससे इनके संभावित कारकों और पौटर्न को समझने में मदद मिलेगी।"
अधिकारी के मुताबिक, गोवा का स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, टाटा मेमोरियल सेंटर का कैंसर महामारी विज्ञान केंद्र और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय का नफील्ड पॉपुलेशन हेल्थ विभाग मिलकर यह अध्ययन करेगा।
अधिकारी के अनुसार, "इस अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर नीतियां बनाई जाएंगी, ताकि गोवा में गैर-संचारी रोगों के बढ़ते मामलों से निपटा जा सके।"
उन्होंने कहा, "इस पहल के जरिये गोवा अपने नागरिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।"
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