रायपुर, 28 दिसंबर छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को सर्वसम्मति से संकल्प पारित किया गया कि यदि बस्तर जिले में लगने वाले राष्ट्रीय खनिज विकास निगम के इस्पात संयंत्र का विनिवेश किया जाता है तब इसे छत्तीसगढ़ सरकार खरीदने के लिए सहमत है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को राज्य के संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने शासकीय संकल्प प्रस्तुत किया कि भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी द्वारा स्थापनाधीन नगरनार इस्पात संयंत्र का केंद्र सरकार द्वारा रणनीतिक विनिवेश के नाम पर प्रस्तावित निजीकरण की प्रक्रिया को निरस्त किया जाए।
सदन में हुई चर्चा के बाद संकल्प में संशोधन किया गया कि विनिवेश होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ सरकार संयंत्र को खरीदने में सहमत है। इसके बाद संकल्प को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
संकल्प प्रस्तुत करने के दौरान मंत्री चौबे ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्र के लिए नगरनार गांव में भूमि का अधिग्रहण किया गया था तब क्षेत्र के लोगों ने इस उम्मीद के साथ अपनी सहमति दी थी कि क्षेत्र में अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होगा। हालांकि यह जानने के बाद कि संयंत्र का निजीकरण हो जाएगा, स्थानीय आदिवासियों में गुस्सा है।
चौबे ने कहा कि नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण होने से क्षेत्र के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को गहरा धक्का लगेगा। राज्य सरकार अपने प्रयासों से बस्तर के एक कोने तक नक्सल गतिविधियों को सीमित करने में सफल रही है।
उन्होंने कहा कि नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण से क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा और केंद्र और राज्य सरकार के लिए इसका सामना करना कठिन होगा।
चर्चा में भाग लेते हुए मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के विधायक अजय चंद्राकर तथा अन्य विधायकों ने कहा कि राज्य सरकार को संयंत्र को खरीदने के लिए आगे आना चाहिए।
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